रिपोर्ट- गुरदीप सिंह
कुरुक्षेत्र: गीता जयंती के अवसर पर कुरुक्षेत्र स्थित केशव पार्क में भव्य वैश्विक गीता पाठ का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में 21000 से अधिक स्कूली छात्रों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि प्रदेशभर के स्कूलों में विद्यार्थियों ने वर्चुअल माध्यम से इस पाठ में सहभागिता की। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, योग गुरु बाबा रामदेव, पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा तथा नगर के अनेक गणमान्य व्यक्ति विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाभारत थीम आधारित गीता अनुभव केंद्र का लोकार्पण किया था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने 28 नवंबर को उडुपी में इस अनुभव केंद्र का विशेष उल्लेख करते हुए देशभर के नागरिकों से इसे अवश्य देखने का आग्रह किया था।

सीएम ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की मासिक ‘मन की बात’ में कुरुक्षेत्र स्थित इस अनुभव केंद्र का विस्तृत उल्लेख किया गया, जिससे यह केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गीता महोत्सव वैश्विक पहचान प्राप्त कर चुका है। जिस प्रकार प्रधानमंत्री ने योग को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करते हुए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का स्वरूप दिया, उसी तरह गीता के संदेश को भी विश्वभर में पहुँचाने का प्रयास जारी है।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा—
गीता का प्रत्येक श्लोक जीवन का मार्गदर्शन है।
यह हमें कर्म, अनुशासन, संतुलन और नेतृत्व की सीख देता है।
सुख-दुख, लाभ-हानि जीवन का हिस्सा हैं, इनमें संतुलन बनाए रखना ही सच्चा योग है।
गीता का ज्ञान अहंकार से दूर रहने, आत्मज्ञान प्राप्त करने तथा न्याय और नैतिकता स्थापित करने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समाज का हर व्यक्ति गीता के उपदेशों को अपने जीवन में उतार ले, तो संघर्ष, तनाव और असमानताएँ कम होंगी तथा एक आदर्श और संतुलित समाज का निर्माण संभव होगा। कार्यक्रम के अंत में सीएम ने कार्यक्रम में शामिल स्कूली छात्रों के लिए अगले दिन की छुट्टी की घोषणा भी की।





