गाजा में मदद लेने पहुंचे फलस्तीनियों पर गोलीबारी, 10 की मौत

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गाजा में मदद लेने पहुंचे फलस्तीनियों पर गोलीबारी, 10 की मौत

गाजा पट्टी में हालात दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे हैं। शनिवार को भोजन लेने के लिए इकट्ठा हुए भूखे फलस्तीनियों पर गोलीबारी की गई, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है।


इजरायली सेना ने गोलीबारी से किया इनकार

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी गाजा मानवतावादी फाउंडेशन (जीएचएफ) द्वारा संचालित सहायता केंद्रों के पास हुई। हालांकि, इजरायली सेना ने इस आरोप को खारिज किया और कहा कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है।

  • गाजा के दीर अल-बलाह क्षेत्र में हुई घटना
  • प्रत्यक्षदर्शियों ने गोलीबारी की पुष्टि की
  • इजरायली सेना ने दावा किया, “हमारे नियंत्रण वाले मार्गों को सुरक्षित बनाने का काम जारी है”

अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद शुरू हुई मदद

लगभग एक सप्ताह पहले, भूख से मरते बच्चों की बढ़ती घटनाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते इजरायल ने सीमित मानवीय सहायता और हवाई मदद की घोषणा की थी।
लेकिन—

  • संयुक्त राष्ट्र और साझेदार संगठनों का कहना है कि मदद बेहद सीमित है।
  • गाजा की सीमा पर महीनों से अटके ट्रक अभी भी इजरायल की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
  • गाजा की 20 लाख से अधिक आबादी अब भी संकट में है।

प्रत्यक्षदर्शियों का बयान और अस्पतालों की रिपोर्ट

राफा के पास शाकौश क्षेत्र में दो लोगों की मौत की खबर है। खान यूनिस के नासिर अस्पताल में कई घायलों का इलाज चल रहा है।

  • नासिर अस्पताल में 2 शव और कई घायल पहुंचे।
  • दक्षिण गाजा के तंबुओं पर हमलों के बाद 5 शव अस्पताल लाए गए।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दीर अल-बलाह में एक घर पर हमले से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई।

मृतकों की संख्या पर विवाद

इजरायल और जीएचएफ का कहना है कि मृतकों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है।
लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय की आपातकालीन सेवा के प्रमुख फारेस अवाद ने दावा किया कि उत्तरी गाजा में सहायता ट्रकों को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे फलस्तीनियों पर हमला हुआ था।


गाजा में भोजन और राहत सामग्री की कमी के बीच हुई यह गोलीबारी हालात को और भी गंभीर बना रही है। एक ओर अंतरराष्ट्रीय दबाव में सहायता भेजी जा रही है, वहीं दूसरी ओर लगातार हो रहे हमले मानवीय संकट को और बढ़ा रहे हैं।

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