Report: Abhishek tiwari
Ganj Basoda संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय (एसजीएस कॉलेज) में सोमवार को उस समय गहमागहमी की स्थिति बन गई, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कॉलेज की बदहाली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने पहले मुख्य गेट पर बैठकर नारेबाजी की और बाद में कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए प्राचार्य कक्ष का घेराव किया। लगभग दो घंटे तक चले इस हंगामे के कारण कॉलेज का कामकाज प्रभावित रहा।
परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और स्टाफ की अनुपस्थिति
Ganj Basoda प्रदर्शनकारी छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के समक्ष दो मुख्य मुद्दे रखे। पहला, महाविद्यालय प्रांगण के भीतर बाहरी और असामाजिक तत्वों की अनियंत्रित आवाजाही, जिससे छात्र-छात्राओं को असुरक्षा और परेशानी का सामना करना पड़ता है। दूसरा, कॉलेज स्टाफ और शिक्षकों का नियमित रूप से ‘अप-डाउन’ करना। एबीवीपी का आरोप है कि स्टाफ के समय पर न आने और जल्दी चले जाने के कारण कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं और छात्रों को जरूरी कार्यों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन: 7 दिनों का अल्टीमेटम
Ganj Basoda प्रदर्शन के अंत में विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने अतिरिक्त संचालक के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। छात्रों ने अपनी शिकायतों को विस्तार से बताते हुए मांग की है कि परिसर में बाहरी तत्वों का प्रवेश तुरंत प्रतिबंधित किया जाए और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 7 दिनों के भीतर इन समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे।
सुरक्षा और अनुशासन पर उठे सवाल
Ganj Basoda ABVP के पदाधिकारियों ने कहा कि महाविद्यालय विद्या का मंदिर है, लेकिन यहां की अव्यवस्थाओं ने इसे असुरक्षित बना दिया है। प्राचार्य और प्रबंधन को बार-बार सूचित करने के बाद भी जब कोई सुधार नहीं हुआ, तब जाकर छात्रों को सड़क पर उतरना पड़ा। ज्ञापन सौंपने के दौरान भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिन्होंने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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