BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार बने तनाव के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक अहम बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर पाकिस्तान से किसी भी मुद्दे पर बातचीत होती है, तो वह केवल आतंकवाद और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) पर ही केंद्रित होगी। इसके अलावा किसी अन्य विषय पर चर्चा की कोई गुंजाइश नहीं है।
तीसरे पक्ष की भूमिका को किया खारिज
डॉ. जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे विवादों को सुलझाने में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं होगी। उन्होंने दो टूक कहा कि यह एक पूरी तरह द्विपक्षीय मामला है और इसे सिर्फ भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के माध्यम से ही सुलझाया जाएगा।
दिल्ली में होंडुरास दूतावास के उद्घाटन समारोह में दिया बयान
यह बयान उन्होंने दिल्ली में होंडुरास के दूतावास के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए दिया। उन्होंने कहा, “भारत और पाकिस्तान के बीच वर्षों से एक सहमति रही है कि हमारे आपसी संबंध और संवाद केवल द्विपक्षीय स्तर पर होंगे। इसमें कोई बदलाव नहीं आया है।”
बातचीत की शर्तें साफ: आतंकवाद बंद करे पाकिस्तान
विदेश मंत्री ने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान से संवाद सिर्फ आतंकवाद के मुद्दे पर होगा। जयशंकर ने कहा, “अगर पाकिस्तान को भारत से बातचीत करनी है, तो उसे आतंकवाद के ढांचे को समाप्त करना होगा। उन्हें अच्छी तरह पता है कि उन्हें क्या करना है। भारत सिर्फ आतंकवाद पर चर्चा के लिए तैयार है।”
जयशंकर के इस बयान से एक बार फिर भारत का सख्त और स्पष्ट रुख सामने आया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक किसी भी प्रकार की सामान्य बातचीत संभव नहीं है। साथ ही भारत ने यह भी जता दिया है कि अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है और भारत-पाक विवादों को केवल द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाया जाएगा





