Flydubai : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई की उस उड़ान से जुड़े मामले में ईरान कनेक्शन की संभावना जताई है, जिसमें सह-पायलट पर विमान को गिराने की कोशिश करने का आरोप है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें जो जानकारी मिल रही है, उसके आधार पर सह-पायलट के ईरान से संबंध होने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत या खुफिया जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें विमान घटना में शामिल सह-पायलट और ईरान के बीच किसी संभावित संबंध की जानकारी मिली है। ट्रंप ने पहले कहा कि मामले पर काम किया जा रहा है। इसके बाद ईरान से संभावित कनेक्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें मिल रही जानकारी के आधार पर जवाब हां है।
Flydubai Copilot Iran Link पर अभी जांच जारी
ट्रंप के बयान के बावजूद फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 से जुड़े मामले में सह-पायलट के ईरान से संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल समेत कई स्तरों पर चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से पहले भी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि ईरान से संभावित संबंधों के बारे में अभी निश्चित तौर पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
जांच एजेंसियां सह-पायलट की पृष्ठभूमि, उसके व्यवहार, संभावित वैचारिक प्रभाव और घटना के पीछे की वजहों को समझने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल घटना के पीछे की पूरी मंशा स्पष्ट नहीं हुई है।
Flydubai Copilot Iran Link के बीच ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी
पत्रकारों ने ट्रंप से यह भी सवाल किया कि अगर जांच में विमान घटना के पीछे ईरान की भूमिका साबित होती है तो क्या अमेरिका तेहरान के खिलाफ कार्रवाई करेगा। इस पर ट्रंप ने बेहद कड़ा जवाब देते हुए कहा कि अगर ऐसा साबित हुआ तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
हालांकि, ट्रंप ने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके पास ईरान की कथित भूमिका को लेकर किस तरह की जानकारी है। इसलिए फिलहाल यह दावा जांच के स्तर पर ही है और इसके आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
Flydubai Copilot Iran Link के साथ सामने आया कट्टरपंथ का एंगल
फ्लाईदुबई मामले की जांच में सह-पायलट की कथित कट्टरपंथी विचारधारा को लेकर भी दावे सामने आए हैं। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, सह-पायलट के सोशल मीडिया अकाउंट पर यहूदियों की हत्या से जुड़ी कथित पोस्ट और कट्टरपंथी जिहादी विचारधारा से प्रभावित होने के संकेत मिले हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा है कि सह-पायलट के बारे में व्यक्तिगत जानकारी की जांच से कथित तौर पर उसके कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी यह पता लगाने में जुटी हैं कि घटना की वास्तविक वजह क्या थी और क्या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका थी।
Flydubai Copilot Iran Link मामले में क्या हुआ था
यह पूरा मामला 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में सामने आया। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और उसमें 170 से अधिक लोग सवार थे। उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय मूल के कैप्टन स्मित माछर पर हमला कर दिया। इसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा।
हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित माछर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने मिलकर सह-पायलट को काबू में किया। विमान में मौजूद रिजर्व क्रू की मदद से उड़ान को स्थिर किया गया और उसे सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर आपात स्थिति में उतारा गया।
Flydubai Copilot Iran Link की जांच में कई देशों की एजेंसियां जुटीं
घटना के बाद सऊदी अरब में शुरुआती जांच की गई। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि सह-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया था, जिसके बाद दोनों पायलट घायल हुए। इसके बाद विमान को तबूक की ओर मोड़ा गया और सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
अब इस मामले की जांच में संयुक्त अरब अमीरात की एजेंसियां भी शामिल हैं, क्योंकि फ्लाईदुबई संयुक्त अरब अमीरात की एयरलाइन है। इजरायल भी घटना की परिस्थितियों और सह-पायलट की पृष्ठभूमि की जांच कर रहा है। जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि यह हमला व्यक्तिगत स्तर पर किया गया था या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क अथवा बाहरी मदद की भूमिका थी।
Flydubai Copilot Iran Link पर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं
फिलहाल फ्लाईदुबई FZ1073 मामले में कई दावे और संभावित कनेक्शन जांच के दायरे में हैं। ट्रंप ने ईरान से संबंध की संभावना जताई है, जबकि इजरायली अधिकारियों ने सह-पायलट की कथित कट्टरपंथी पृष्ठभूमि को लेकर जानकारी साझा की है। लेकिन ईरान से सीधा संबंध होने की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
जांच के दौरान सह-पायलट की पृष्ठभूमि, सोशल मीडिया गतिविधियों, घटना से पहले के व्यवहार और संभावित संपर्कों की जांच की जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में सामने आने वाली आधिकारिक जांच रिपोर्ट इस मामले की वास्तविक वजह और कथित ईरान कनेक्शन पर स्थिति स्पष्ट कर सकती है।
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