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25 अगस्त को ग्वालियर पहुंचेंगे पीएम मोदी और फिजी राष्ट्रपति नैकामा लालाबलावू

25 अगस्त को ग्वालियर पहुंचेंगे पीएम मोदी और फिजी राष्ट्रपति नैकामा लालाबलावू

25 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश के ग्वालियर दौरे पर रहेंगे, जहां उनके साथ फिजी के राष्ट्रपति नैकामा लालाबलावू भी मौजूद होंगे। यह मुलाकात सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट नहीं होगी, बल्कि भारत-फिजी संबंधों के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकती है। दोनों नेता करीब दो घंटे ग्वालियर में साथ बिताएंगे, जिसमें रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा की संभावना है।


ग्वालियर किला और तानसेन का मकबरा हो सकते हैं मुख्य आकर्षण

संभावित कार्यक्रम के मुताबिक, पीएम मोदी और फिजी के राष्ट्रपति सुबह करीब 11 बजे ग्वालियर पहुंचेंगे। यहां वे ऐतिहासिक ग्वालियर किला और तानसेन का मकबरा देखने जा सकते हैं।

  • ग्वालियर किला: भारतीय इतिहास का गौरव, जिसे ‘गिब्राल्टर ऑफ इंडिया’ कहा जाता है।
  • तानसेन का मकबरा: संगीत सम्राट मियां तानसेन की स्मृति में बना ऐतिहासिक स्थल, जहां हर साल संगीत समारोह आयोजित होता है।

फिजी में भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ें

फिजी की लगभग 37% आबादी भारतीय मूल की है, जिनमें ज्यादातर गिरमिटिया मजदूरों के वंशज हैं। वहां हिंदी और भोजपुरी बोली जाती है, भारतीय त्योहार मनाए जाते हैं, और पारंपरिक भोजन व संस्कृति को संजोया गया है। इस सांस्कृतिक जुड़ाव से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होते हैं।


भारत-फिजी संबंध: रणनीति से लेकर व्यापार तक

फिजी, दक्षिण प्रशांत क्षेत्र का एक प्रमुख द्वीप देश है और हिंद-प्रशांत रणनीति में इसकी अहम भूमिका है।
भारत-फिजी सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:

  • समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन
  • कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा
  • आईटी, शिक्षा और स्वास्थ्य
  • पर्यटन और फूड प्रोसेसिंग

दोनों देश UN, कॉमनवेल्थ और G77 जैसे मंचों पर विकासशील देशों की आवाज बनकर काम करते हैं। जलवायु परिवर्तन और समुद्र-स्तर वृद्धि पर भारत, फिजी के प्रयासों का समर्थन करता है।


ग्वालियर के बाद पीएम मोदी का धार दौरा

ग्वालियर के कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी दोपहर करीब 3 बजे धार जिले के बदनावर जाएंगे, जहां वे देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन करेंगे।

  • इस पार्क से मालवा क्षेत्र के कपास उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा।
  • अनुमान है कि लगभग 3 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
  • बदनावर क्षेत्र को इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया में शामिल किया जाएगा, जिससे सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

क्यों खास है यह दौरा?

  • भारत-फिजी संबंधों में राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मजबूती आएगी।
  • हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी।
  • ग्वालियर और धार जैसे शहरों को अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर विशेष पहचान मिलेगी।

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