डॉ. मयंक शर्मा ने रक्षा लेखा महानियंत्रक (CGDA) के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है, जो उनके 30 साल से अधिक के करियर में एक नया अध्याय है। 1989 बैच के भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) अधिकारी, डॉ. शर्मा रक्षा वित्त, प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व में गहन अनुभव के साथ आए हैं। यह जानकारी रक्षा मंत्रालय के एक बयान में दी गई।
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करियर हाइलाइट्स
- राष्ट्रीय सेवा: भारत सरकार में रक्षा लेखा विभाग और कैबिनेट सचिवालय सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य।
- अंतरराष्ट्रीय योगदान:
- संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स और अपराध कार्यालय (UNODC) में भारत के वैकल्पिक स्थायी प्रतिनिधि।
- संयुक्त राष्ट्र अपराध रोकथाम और आपराधिक न्याय आयोग।
- संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार कानून आयोग।
- भ्रष्टाचार विरोधी प्रयास: अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी अकादमी और वियना के राजनयिक अकादमी में योगदान।
- वियना में भूमिका: भारतीय दूतावास के काउंसलर डिवीजन के प्रमुख के रूप में UNODC में उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व और काउंसलर मामलों की देखरेख।
अपेक्षाएं
अपने व्यापक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ, डॉ. शर्मा से रक्षा लेखा विभाग में रणनीतिक नेतृत्व की उम्मीद है। उनके कार्यकाल पर भारत के रक्षा वित्तीय निरीक्षण और नीति लागू करने की जिम्मेदारी के कारण विशेष ध्यान रहेगा।





