BY: Yoganand Shrivastva
वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम (सीजफायर) का श्रेय खुद को दिया है। व्हाइट हाउस में एलन मस्क के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने दोनों देशों को संभावित युद्ध से रोका।
ट्रंप ने कहा,
“हमने भारत और पाकिस्तान को युद्ध से दूर रखा। यह स्थिति परमाणु संकट बन सकती थी, लेकिन हमने इसे रोक लिया। मैं भारत और पाकिस्तान के नेताओं का धन्यवाद करता हूं, और अपने देश के लोगों पर भी गर्व है।”
“गोलियों की जगह व्यापार से हल”
डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका का मकसद अब लड़ाई नहीं, बल्कि व्यापार के जरिये शांति कायम करना है। उन्होंने कहा,
“हम उन देशों के साथ व्यापार नहीं कर सकते जो एक-दूसरे पर हथियार चला रहे हैं और परमाणु खतरे पैदा कर रहे हैं। भारत और पाकिस्तान के नेताओं ने समझदारी दिखाई और हम एक खतरनाक युद्ध को रोकने में सफल रहे।”
उन्होंने इसे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया।
“आज मैं जिस समझौते पर सबसे ज्यादा गर्व करता हूं, वह यह है कि हमने व्यापार के जरिए युद्ध को टाल दिया। कोई इसके बारे में बात नहीं करता, लेकिन एक संभावित परमाणु टकराव टल गया।”
भारत-पाकिस्तान के साथ नई साझेदारी की उम्मीद
ट्रंप ने संकेत दिए कि अमेरिका जल्द ही भारत के साथ एक व्यापारिक समझौते को अंतिम रूप दे सकता है।
“पाकिस्तान के प्रतिनिधि अगले हफ्ते अमेरिका आ रहे हैं, और भारत के साथ भी हम किसी समझौते के बेहद करीब हैं। लेकिन अगर दोनों देश लड़ने में लगे रहते, तो ऐसे किसी भी समझौते की कोई संभावना नहीं होती।”
भारत का जवाबी कदम: ऑपरेशन सिंदूर
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक एयरस्ट्राइक की थी। इस कार्रवाई में कुल 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया, जिसमें कई आतंकवादी ढेर हुए।
भारत ने इस हमले को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया और स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य केवल आतंकी ठिकानों को समाप्त करना था—पाकिस्तानी सेना या आम नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
लगभग चार दिन तक ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद, भारत और पाकिस्तान ने 10 मई को आपसी सहमति से संघर्ष विराम का ऐलान किया।