BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली, मंगलवार को राज्यसभा में बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने “ऑपरेशन सिंदूर” पर चर्चा के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में शामिल द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के तीन प्रमुख आतंकियों को सुरक्षाबलों ने सफलतापूर्वक एक ऑपरेशन के दौरान ढेर कर दिया। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी, जिससे देशभर में आक्रोश की लहर दौड़ गई थी।
राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन को सफल बताते हुए कहा, “हमारे सुरक्षा बलों ने जिस तरह तेजी, सटीकता और बहादुरी से कार्य किया, वह देश के लिए गर्व का विषय है। आतंक के आकाओं को यह स्पष्ट संदेश मिल गया है कि भारत की संप्रभुता से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा सुनिश्चित करने में सेना, अर्धसैनिक बल और खुफिया एजेंसियों की भूमिका अतुलनीय है और उनका मनोबल बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।
रक्षा मंत्री ने आतंकवाद को देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया और कहा कि भारत इसके खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने संसद में यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी किसी भी आतंकी हरकत का जवाब पहले से कहीं ज़्यादा तीव्र और निर्णायक होगा।
सारांश:
- ऑपरेशन सिंदूर में TRF के 3 आतंकवादी मारे गए।
- हमले में 26 नागरिकों की हुई थी मौत।
- भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘किसी भी हद तक’ जाएगा।
- सेना और सुरक्षा बलों की बहादुरी की संसद में सराहना।
“ऑपरेशन सिंदूर” के माध्यम से भारत ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के विरुद्ध अपने संकल्प में अडिग है। सरकार का यह रुख देशवासियों को न सिर्फ सुरक्षा का भरोसा देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि देश की सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई समझौता नहीं किया जाएगा।





