Dhar Bhojshala: सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला विवाद में बसंत पंचमी पर हिंदुओं को पूजा, मुस्लिमों को नमाज की अनुमति दी

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Dhar Bhojshala

report- upendra kumawat, Edit by: Priyanshi Soni

Dhar Bhojshala: सुप्रीम कोर्ट ने धार के विवादित भोजशाला में बसंत पंचमी के दिन हिंदुओं को सूर्योदय से सूर्यास्त तक प्रार्थना करने की अनुमति दी है। मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज पढ़ने की इजाजत मिली है। अदालत ने राज्य और जिला प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की भी हिदायत दी।

Dhar Bhojshala: प्रशासन को निर्देश, नमाज पढ़ने वालों की संख्या पहले ही बताने होंगे

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने कहा कि नमाज के लिए आने वाले मुस्लिम समुदाय की संख्या जिला प्रशासन को पहले ही सूचित की जाए। प्रशासन पास जारी कर या अन्य उपयुक्त उपाय करके सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।

Dhar Bhojshala: विवाद का इतिहास, दोनों पक्षों का दावा

Dhar Bhojshala

धार में यह एएसआई संरक्षित स्मारक हिंदू पक्ष के अनुसार देवी सरस्वती का मंदिर है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे मौलाना कमालुद्दीन की मस्जिद मानता है। 18वीं सदी में अंग्रेजों ने खुदाई कर देवी सरस्वती की प्रतिमा लंदन ले जाई थी। एएसआई के आदेश के अनुसार, हिंदू पक्ष को हर मंगलवार और मुस्लिम पक्ष को हर शुक्रवार भोजशाला में पूजा और नमाज करने की अनुमति है। इस साल बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है, इसलिए हिंदू पक्ष ने पूरे दिन पूजा करने की मांग सुप्रीम कोर्ट में की।

Dhar Bhojshala: सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद धार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आठ हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी निगरानी और पेट्रोलिंग लगातार जारी है। भोजशाला परिसर में वॉच टावर और पुलिस चौकी स्थापित की गई हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

Dhar Bhojshala

भोजशाला परिसर का सजाया जा रहा भव्य स्वरूप

बसंत पंचमी पर्व को लेकर भोजशाला परिसर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। पीले रंग की सजावट, धार्मिक प्रतीकों और सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

Dhar Bhojshala
Dhar Bhojshala

कलेक्टर ने की शांति बनाए रखने की अपील

इसी क्रम में धार जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्र ने भोजशाला विवाद पर हुई सुनवाई को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था भंग न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।

Dhar Bhojshala
धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा

कलेक्टर ने मीडिया और आमजन से भी अपील की कि किसी भी अफवाह से बचें और शांति बनाए रखें।

Read Also: WEF 2026 : मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मालदीव के मंत्री मोहम्मद सईद के बीच दावोस में हुई वार्ता

Kailash Sarang Jayanti: कैलाश सारंग जयंती पर सेवा, सम्मान और संस्कारों का अनूठा संदेश

Kailash Sarang Jayanti: पुष्पांजलि एवं शरबत वितरण के माध्यम से मनाई गई