शिक्षा व्यवस्था और खनिज माफिया पर धनेंद्र साहू का बड़ा हमला

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Dhanendra Sahu's big attack on education system and mineral mafia

कहा- सरकार कर रही सिर्फ कागजी दावा

राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार के दावों पर पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का यह दावा कि युक्तियुक्तकरण के बाद शिक्षकों की कमी में 80% सुधार हुआ है, केवल एक भ्रम है। उन्होंने पूछा कि जब 80 प्रतिशत समस्या हल हो सकती है, तो शेष 20 प्रतिशत क्यों बाकी है? क्या सरकार शिक्षकों की पूरी नियुक्ति करने में असमर्थ है?

धनेंद्र साहू ने यह भी कहा कि स्कूलों के खुलने के बाद ही असल स्थिति का पता चलेगा कि शिक्षक आदेशों का पालन कर रहे हैं या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में 10 हजार से अधिक स्कूल बंद हो चुके हैं, लेकिन इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही नहीं, बल्कि स्कूलों में सफाई कर्मचारी और क्लर्क की भी जरूरत होती है, लेकिन इनकी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

खनिज माफियाओं पर भी बरसे साहू, बोले- रेत माफिया को सरकार का संरक्षण

बालोद बाजार में खनिज माफियाओं द्वारा की गई मारपीट की घटना को लेकर भी धनेंद्र साहू ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में रेत और मुरुम माफिया बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रहे हैं, और यह सब सरकार व जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में हो रहा है।

धनेंद्र साहू ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह बेबस दिखाई दे रहा है, और सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाइयां केवल दिखावटी हैं। उन्होंने कहा, “यह सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है और जनता को सिर्फ बड़े-बड़े नारे देकर गुमराह किया जा रहा है।”

कांग्रेस संगठन पर कटाक्ष का पलटवार

विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा कांग्रेस संगठन पर की गई टिप्पणी पर भी धनेंद्र साहू ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, “पुरंदर मिश्रा पहले अपने गिरेबां में झांके और भाजपा संगठन की हालत को देखें, फिर कांग्रेस पर तंज कसें।”

शाला प्रवेश उत्सव पर भी उठाए सवाल

धनेंद्र साहू ने आगामी शाला प्रवेश उत्सव को लेकर भी सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कागजों में भले ही आदेश जारी हो गए हों, लेकिन ज़मीनी स्तर पर शिक्षकों की वास्तविक जॉइनिंग और स्कूलों के संचालन की स्थिति देखना अभी बाकी है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि किस जिले में कितने स्कूल बंद हुए, इसकी कोई जानकारी सरकार ने सार्वजनिक नहीं की।

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