दिल्ली एक बार फिर बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर रही है। यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है और निचले इलाकों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
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यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
- मंगलवार दोपहर 3 बजे तक यमुना का जलस्तर 206.03 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
- यह इस साल का सबसे ऊंचा स्तर है।
- हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया 1.51 लाख क्यूसेक पानी शाम तक दिल्ली पहुंचने की संभावना है।
यमुना बाजार और खादर इलाकों में जलभराव
सबसे ज्यादा प्रभावित यमुना बाजार है, जहां करीब 400 घरों के ग्राउंड फ्लोर तक पानी भर गया है।
- लोग सामान छतों पर रखकर रात गुजारने को मजबूर हैं।
- घरों और दुकानों से सामान निकालने के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है।
- हालात देखकर 2023 की बाढ़ की यादें ताजा हो गई हैं, जब स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था।
मोनेस्ट्री मार्केट खाली, दुकानदारों में चिंता
कश्मीरी गेट ISBT के पास स्थित मोनेस्ट्री मार्केट में व्यापारी अपना माल गोदामों में शिफ्ट कर रहे हैं।
- प्रशासन ने लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है।
- दुकानदारों का कहना है कि अगर हालात बिगड़े तो इस साल भी बड़ा नुकसान हो सकता है।
वासुदेव घाट बंद, सुरक्षा के इंतजाम
- बढ़ते जलस्तर को देखते हुए DDA का वासुदेव घाट बंद कर दिया गया है।
- पानी रोकने के लिए सैंड बैग लगाए जा रहे हैं।
- यह घाट पिछले साल ही आम लोगों के लिए खोला गया था ताकि यमुना आरती और पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।
ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था
- पुराना लोहा पुल शाम 4 बजे से बंद कर दिया गया है।
- ट्रैफिक को हनुमान सेतु, राजा राम कोहली मार्ग और गीता कॉलोनी रोड पर डायवर्ट किया गया है।
- दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर यात्रा करने से बचें।
- प्रशासन लगातार यमुना किनारे से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर रहा है।
दिल्ली में यमुना का बढ़ता जलस्तर प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यमुना बाजार से लेकर मोनेस्ट्री मार्केट तक हर जगह जलभराव की स्थिति है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है, लेकिन फिलहाल हालात गंभीर बने हुए हैं।





