दिल्ली सरकार अब इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति में बड़े बदलाव की तैयारी में है। पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा लागू की गई ‘कैब एग्रीगेटर और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर स्कीम’ की अब नए सिरे से समीक्षा की जा रही है। परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि EV ट्रांजिशन की डेडलाइन को लचीला बनाया जा सकता है और सर्ज प्राइसिंग पर भी नियंत्रण लाया जा सकता है।
क्या है मौजूदा नीति?
2023 में लागू हुई इस नीति के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- सभी एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवाओं को 2030 तक अपनी पूरी फ्लीट इलेक्ट्रिक बनानी होगी।
- बाइक टैक्सी को पहली बार वैधता दी गई, लेकिन सिर्फ EV रूप में, और तुरंत प्रभाव से।
- कमर्शियल टू-व्हीलर्स और गुड्स कैरियर्स को EV में बदलने के लिए 4-5 साल का समय दिया गया।
- सभी वाहनों में पैनिक बटन और दिल्ली पुलिस की 112 इमरजेंसी सेवा से कनेक्शन अनिवार्य।
- नीति का उल्लंघन करने पर ₹5,000 से ₹1,00,000 तक जुर्माना।
क्यों हो रही है नीति की समीक्षा?
ट्रांसपोर्ट मंत्री पंकज सिंह के मुताबिक:
“हमें कई सेक्टरों से सुझाव मिले हैं। हमारा प्रयास है कि नीति सभी पक्षों—ड्राइवर, ग्राहक और कंपनियों—के लिए संतुलित हो।”
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अपनी 100-दिन की रिपोर्ट में इस नीति के पुनरीक्षण की पुष्टि की है।
संभावित बदलाव क्या हो सकते हैं?
नीति में इन बिंदुओं पर बदलाव की संभावना है:
1. ई-बाइक टैक्सी के लिए ट्रांजिशन टाइमलाइन
बाइक टैक्सी पर तत्काल EV लागू करने से कंपनियों को संचालन में दिक्कत हो रही थी। अब सरकार उन्हें भी 4-5 साल की मोहलत देने पर विचार कर रही है।
2. सर्ज प्राइसिंग पर नियंत्रण
फिलहाल नीति में किराये की ऊपरी सीमा नहीं है, जिससे पिक आवर में किराया बहुत बढ़ जाता है। अब एक रेगुलेटरी गाइडलाइन लाई जा सकती है।
3. रजिस्ट्रेशन और निगरानी
अब तक 64 कंपनियां सरकारी पोर्टल पर रजिस्टर्ड हो चुकी हैं, जिनमें:
- 17 राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म
- 42 डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर
- 5 ई-कॉमर्स कंपनियां शामिल हैं।
इनकी कुल फ्लीट 5.5 लाख से ज्यादा वाहनों की है: - 3.25 लाख दोपहिया
- 1.21 लाख तीनपहिया
- 1.11 लाख चारपहिया
नीति किन पर लागू होती है?
यह नीति उन सभी कंपनियों या व्यक्तियों पर लागू है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मोटर वाहनों से यात्री या सामान ढोने का कार्य करते हैं। इसमें ऐप आधारित टैक्सी, डिलीवरी, पार्सल या फूड सर्विसेस शामिल हैं।
राजनीतिक संदर्भ: BJP सरकार की नई प्राथमिकताएं
- मोहल्ला क्लिनिक को हटाकर अब ‘आरोग्य मंदिर’ बनाए जा रहे हैं।
- मोहल्ला बसों को अब ‘DEVI बस’ नाम दिया गया है।
- यूरोपीय स्टाइल सड़कों का प्रोजेक्ट बंद कर दिया गया है, जिसकी लागत बहुत ज्यादा थी।
निष्कर्ष: क्या बदलेगा दिल्ली में ट्रांसपोर्ट का चेहरा?
दिल्ली की EV नीति में संभावित संशोधन आम नागरिकों, टैक्सी ड्राइवरों, और डिलीवरी वर्कर्स के लिए राहत ला सकते हैं। सस्ती, टिकाऊ और सुलभ ट्रांसपोर्ट सेवा के लिए इन सुधारों की दिशा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. क्या अब पेट्रोल बाइक टैक्सी भी दिल्ली में चल सकेंगी?
A. अभी इसका फैसला नहीं हुआ है, लेकिन EV में बदलाव के लिए समय देने की योजना बन रही है।
Q. क्या सर्ज प्राइसिंग पर कैप लगेगा?
A. हां, नई नीति में किराए की अधिकतम सीमा तय की जा सकती है।
Q. ये बदलाव कब से लागू होंगे?
A. नीति फिलहाल समीक्षा में है, लेकिन जल्द ही नई गाइडलाइन जारी होने की संभावना है।





