महाकुम्भ 2025 को लेकर तैयारियां लगातार जारी है। महाकुम्भ की तैयारियों को लेकर 21 जनवरी 2025 को योगी सरकार की कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक संगम क्षेत्र के मेला प्राधिकरण सभागार में सीएम योगी की अध्यक्षता में होगी। बैठके के बाद सीएम योगी और पूरी कैबिनेट आस्था की डुबकी लगाएगी।
भव्य और दिव्य महाकुम्भ की तैयारी
महाकुम्भ 2025 को लेकर योगी सरकार ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। बैठक में महाकुम्भ आयोजन पर होने वाले खर्च की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है। 15 करोड़ रुपये राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, वीआईपी, वीवीआईपी, गणमान्य व्यक्तियों समेत कैबिनेट मीटिंग के आयोजन पर खर्च किए जाएंगे। बता दे कि, योगी सरकार 10 करोड़ रुपये विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थानों द्वारा महाकुम्भ के विश्लेषण के लिए इसके अलावा 20 लाख रुपये संगम क्षेत्र के पुराने वृक्षों की सुरक्षा, वन्य जीवों के रेस्क्यू और पेड़ों के सौंदर्यीकरण पर खर्च किए जाएंगे। 12 करोड़ रुपये श्रद्धालुओं को फर्जी वेबसाइट और साइबर अपराध से बचाने के लिए डिजिटल और साइबर पेट्रोलिंग पर खर्च किए जाएंगे।

महाकुम्भ के लिए परियोजनाएं
64 करोड़ रुपये की 17 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, महाकुम्भ क्षेत्र में 9 विभागों द्वारा संचालित योजनाएं बनाई गई है। कुंभ ग्लोबल समिट ऑन सस्टेनेबल एंड डेवलपमेंट पर 7 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मूर्तियों की स्थापना
मिंटो पार्क में पंडित मदन मोहन मालवीय की मूर्ति और अन्य निर्माण कार्यों पर 2 करोड़ रुपये, देवी अहिल्या बाई होल्कर की मूर्ति की स्थापना पर 50 लाख रुपये की मंजूरी दी जा चुकी है।
योगी कैबिनेट करेगी संगम स्नान
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री संगम में स्नान करेंगे। पिछली बार भी कुंभ मेले के दौरान सीएम योगी ने पूरी कैबिनेट के साथ संगम स्नान किया था। मेला प्रशासन इस आयोजन को सफल बनाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है।
महाकुम्भ की महासुरक्षा
सुरक्षा के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण विशेष कदम उठाने जा रहा है। फर्जी अकाउंट्स और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए साइबर पेट्रोलिंग की जा रही है। साथ ही, महाकुम्भ के अनुभव को विश्लेषित करने के लिए विश्वस्तरीय संस्थानों की मदद ली जाएगी। महाकुम्भ 2025 की यह कैबिनेट बैठक न केवल प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक पल होगी, बल्कि संगम में आस्था और शासन की समर्पण भावना का प्रतीक भी बनेगी।





