BY: VANDANA RAWAT
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित चौथे गोमती बुक फेस्टिवल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “अच्छी पुस्तक हमारी योग्य मार्गदर्शक बनकर जीवन का पथप्रदर्शन करती है और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।”
उन्होंने बच्चों और युवाओं से स्मार्टफोन से दूरी बनाने और पुस्तकों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की।
पुस्तक मेला : साहित्य का महाकुंभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले नौ दिनों तक लखनऊ विवि परिसर में ज्ञान और साहित्य का महाकुंभ लगेगा।
- मेले में 250 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं।
- लाखों किताबें विभिन्न भाषाओं में प्रदर्शित और बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
- बाल लेखकों से लेकर प्रख्यात साहित्यकारों तक की कृतियां मौजूद रहेंगी।
उन्होंने हर छात्र से कम से कम एक पुस्तक अवश्य खरीदने की अपील की।
बच्चों को भेंट की ‘एग्जाम वारियर्स’

सीएम योगी ने स्कूली छात्राओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘एग्जाम वारियर्स’ भेंट की। उन्होंने कहा कि यह किताब बच्चों को परीक्षा के दबाव से बाहर निकालकर आत्मविश्वास के साथ सफलता की राह दिखाती है।
भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख
अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री ने भारतीय मनीषियों और ऋषियों के प्रसंग साझा किए।
- याज्ञवल्क्य ऋषि और उनकी पत्नियों कात्यायिनी-मैत्रेयी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि “ज्ञान की खोज जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य होना चाहिए।”
- महर्षि वाल्मीकि और गोस्वामी तुलसीदास की मौलिक रचनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने छात्रों से अच्छी पुस्तकों का अध्ययन करने की अपील की।
- उन्होंने कहा, “पढ़ना और आगे बढ़ना भारत की परंपरा रही है। जब नागरिक पढ़ते हैं, तभी देश आगे बढ़ता है।”
महिलाओं की भागीदारी और सशक्त समाज
सीएम योगी ने कहा कि “यदि महिलाएं स्वस्थ होंगी तो समाज और राष्ट्र स्वतः सशक्त बन जाएगा।”
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी विशेष रूप से पुस्तकें भेंट कीं।
विशेष उपस्थिति और माहौल
फेस्टिवल में नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, लखनऊ विवि की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना, लेखक-फिल्मकार चंद्र प्रकाश द्विवेदी और बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।





