Bhopal मध्य प्रदेश में रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी व समयबद्ध हो।

Bhopal उपार्जन केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी उपार्जन केंद्रों पर छांव, पेयजल और बारदाने (बोले) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए केंद्रों पर अनाज को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल और अन्य सुरक्षात्मक उपाय पहले से तैयार रखें, ताकि बेमौसम बारिश से किसानों की उपज खराब न हो।

Bhopal पारदर्शी भुगतान और पंजीयन की समीक्षा
समीक्षा बैठक में गेहूं के पंजीयन (Registration) की स्थिति और सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपार्जन के बाद किसानों के बैंक खातों में राशि का अंतरण (Direct Benefit Transfer – DBT) बिना किसी देरी के होना चाहिए। उन्होंने फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ई-केवाईसी और कड़ाई से निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।

Bhopal भंडारण और परिवहन की रणनीति
बैठक के दौरान उपार्जित गेहूं के वैज्ञानिक तरीके से भंडारण (Storage) और केंद्रों से गोदामों तक त्वरित परिवहन (Transportation) की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने साइलो और सरकारी गोदामों की क्षमता का शत-प्रतिशत उपयोग करने की बात कही ताकि अनाज की बर्बादी को शून्य किया जा सके।





