जम्मू-कश्मीर में फिर फटा बादल, भूस्खलन से बिगड़ा जनजीवन, कई जिलों में बारिश और तूफान का अलर्ट

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image

BY: Yoganand Shrivastva

रामबन जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में एक बार फिर बादल फटने की घटना सामने आई है, जिससे स्थानीय जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शुक्रवार को जिले के ऊपरी क्षेत्र सेरी रामबन में बादल फटा, जिससे अचानक बाढ़ आ गई। इस कारण चंबा सेरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर भारी भूस्खलन हुआ और हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

हाईवे पर लगा लंबा जाम, आवाजाही ठप
भूस्खलन के बाद जम्मू-श्रीनगर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 को दोनों दिशाओं से बंद कर दिया गया है। भारी मलबे के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर राहत कार्यों में जुटी हैं। फिलहाल किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है।

मौसम विभाग ने जारी किया चेतावनी संदेश
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार शाम के लिए भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान की संभावना जताई है। डल झील, वुलर झील और अन्य जल निकायों में नौका विहार और शिकारा सवारी पर रोक की सलाह दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मौसम के बिगड़ने से जलस्तर और हवा की गति खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है।

चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ा
लगातार हो रही वर्षा के कारण चिनाब नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सलाल बांध क्षेत्र में इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

रामबन में पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
गौरतलब है कि इसी जिले में 20 अप्रैल 2025 को भी बादल फटने की एक गंभीर घटना घटी थी, जिसमें भारी तबाही हुई थी। उस हादसे में तीन लोगों की जान गई थी, जबकि कई मकान और वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे। तब भी नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित हुआ था और सेना ने व्यापक राहत एवं बचाव अभियान चलाया था।

स्थानीय प्रशासन की सतर्कता
इस बार भी प्रभावित क्षेत्र में सड़क से मलबा हटाने और मार्ग बहाल करने का कार्य तेज़ी से चल रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें।

Harappan Civilization : सिंधु (हड़प्पा) सभ्यता पर भारत और पाकिस्तान के अलग नजरिए

Harappan Civilization : दुनिया की सबसे रहस्यमयी सभ्यताओं में क्यों शामिल है

Emergency 1975 : आपातकाल का सच, यदि वो कठोर कदम न उठता, तो क्या होता?

Emergency 1975 : आपातकाल की पृष्ठभूमि और उस दौर की चुनौतियां (डॉ

ICAI CA Intermediate Result 2026 जारी, ऐसे करें स्कोरकार्ड डाउनलोड; पास प्रतिशत और मेरिट लिस्ट भी उपलब्ध

ICAI CA Intermediate Result 2026 : नई दिल्ली। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स

Plastic Pollution Awareness: हल्द्वानी की महिलाएं बनीं पर्यावरण संरक्षण की मिसाल

Plastic Pollution Awareness: जूट बैग और कूड़ा पृथक्करण के जरिए प्लास्टिक के

Atlas Moth: 99% लोग खा गए धोखा! सांप नहीं, निकला कुदरत का अद्भुत जीव

Atlas Moth: सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर ने लोगों को किया हैरान