अगर आप सोशल मीडिया जैसे WhatsApp, Instagram, Facebook या Telegram पर किसी भी रूप में चाइल्ड पोर्नोग्राफी देख रहे हैं, डाउनलोड कर रहे हैं, या किसी को भेज रहे हैं — तो सावधान हो जाइए। सरकार और साइबर पुलिस अब इस पर बेहद सख्त हो गई है। POCSO एक्ट के तहत अब सीधे कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
🚨 क्या है मामला? – देशभर में हो रही मॉनिटरिंग
भोपाल समेत देश के कई राज्यों में साइबर पुलिस ने ऐसे लोगों की संदिग्ध सूची तैयार की है जो मोबाइल में चाइल्ड पोर्न कंटेंट रखते या शेयर करते हैं।
- गूगल के एल्गोरिदम और AI टूल्स की मदद से निगरानी तेज़ कर दी गई है।
- नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल भी ऐसे मामलों पर नजर रख रहा है।
- केंद्र सरकार के निर्देश पर 6 सदस्यीय विशेष ऑपरेशन ग्रुप का गठन हुआ है, जो सीधे कार्रवाई करेगा।
📱 सोशल मीडिया पर बढ़ता खतरा
ये सभी प्लेटफॉर्म अब रडार पर हैं:
- Telegram
इन माध्यमों पर किसी भी रूप में चाइल्ड पोर्नोग्राफी साझा करना अब सिर्फ गलत नहीं, गंभीर अपराध है।
🧑⚖️ क्या है POCSO एक्ट और इसके तहत कौन-कौन सी चीजें अपराध हैं?
POCSO (Protection of Children from Sexual Offences Act) भारत सरकार द्वारा बच्चों के यौन शोषण को रोकने के लिए बनाया गया एक सख्त कानून है।
इन हरकतों पर होगी कार्रवाई:
- बच्चों की अश्लील तस्वीरें या वीडियो बनाना, देखना या स्टोर करना
- किसी भी रूप में चाइल्ड पोर्न शेयर करना
- पोर्न दिखाना या ऐसा कंटेंट भेजना जिससे बच्चे की मानसिकता पर असर पड़े
- गंदे इशारे, अश्लील बातें, पीछा करना या गलत नजरों से देखना
⚠️ ध्यान दें: यह कानून नाबालिगों की सुरक्षा के लिए है और इसका उल्लंघन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
🔍 300 से ज्यादा संदिग्ध ग्रुप्स की पहचान
एक इंटरपोल रिपोर्ट के अनुसार:
- 2017 से 2020 के बीच भारत में 24 लाख से अधिक चाइल्ड सेक्शुअल अब्यूज से जुड़े मामले दर्ज हुए।
- इनमें 80% पीड़ित 14 साल से कम उम्र की लड़कियां थीं।
- साइबर एजेंसियों ने 300 से अधिक संदिग्ध ग्रुप्स की पहचान की है जो ऑनलाइन चाइल्ड पोर्न कंटेंट शेयर करते हैं।
🔐 कैसे हो रही है कार्रवाई?
- नेशनल साइबर पोर्टल पर शिकायतें दर्ज होते ही डिजिटल फिंगरप्रिंट के जरिए संदिग्ध को ट्रैक किया जा रहा है।
- सभी राज्यों की साइबर क्राइम यूनिट को समय-समय पर डेटा भेजा जा रहा है।
- यदि आपके डिवाइस में चाइल्ड पोर्न मिला, तो आपको गिरफ्तार भी किया जा सकता है।
🛡️ अपनी और दूसरों की सुरक्षा ऐसे करें सुनिश्चित
✔️ क्या करें:
- किसी भी अनजान लिंक या वीडियो को बिना जांचे न खोलें
- चाइल्ड प्रोटेक्शन से जुड़े ऐप्स और एंटी-वायरस इंस्टॉल करें
- बच्चों को मोबाइल इस्तेमाल के समय गाइड करें
- यदि किसी संदिग्ध कंटेंट की जानकारी है तो cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें
❌ क्या न करें:
- चाइल्ड पोर्न से जुड़ा कोई भी कंटेंट स्टोर, शेयर या डाउनलोड न करें
- ऐसे किसी ग्रुप का हिस्सा न बनें जहां अश्लील कंटेंट शेयर होता हो
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📍 निष्कर्ष: ज़िम्मेदारी आपकी है, कानून का पालन करें
POCSO एक्ट अब सिर्फ एक कानून नहीं, एक चेतावनी है। यदि आप या आपके आसपास कोई भी व्यक्ति चाइल्ड पोर्न से जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो अब बचना मुश्किल है। सरकार और साइबर सेल पूरी ताकत से इस अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।





