BY: VIJAY NANDAN
दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जम्मू-कश्मीर में बहुचर्चित किरु हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इस चार्जशीट में मलिक के अलावा उनके दो निजी सचिवों और चार अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं।
एजेंसियों की खबरों के मुताबिक CBI की यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा अप्रैल 2022 में दिए गए अनुरोध के बाद हुई है, जब इस घोटाले की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसी को जांच सौंपी गई थी।

सत्यपाल मलिक ने अगस्त 2018 से अक्तूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उसी अवधि में यह परियोजना चर्चा में आई थी, जिसे अब भ्रष्टाचार से जुड़ी अनियमितताओं के चलते जांच के घेरे में लिया गया है।
क्या है मामला?
CBI की जांच के मुताबिक, किरु हाइड्रो प्रोजेक्ट के टेंडर और कांट्रैक्ट प्रक्रिया में कई तरह की अनियमितताएं बरती गईं। नियमों और प्रक्रियाओं को दरकिनार कर ठेके दिए गए, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा और भ्रष्टाचार की आशंका को बल मिला। इसी सिलसिले में CBI ने 2023 में कई जगह छापेमारी भी की थी।
चार्जशीट में क्या है उल्लेख?
सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट में यह आरोप है कि तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से प्रोजेक्ट में पारदर्शिता की अनदेखी हुई। मलिक पर आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान प्रभाव का इस्तेमाल कर कुछ फैसले ऐसे लिए गए जो नियमों के अनुरूप नहीं थे। यह मामला अब देश की न्याय व्यवस्था की कसौटी पर है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि इस हाई-प्रोफाइल केस में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं। यदि आप चाहें, तो मैं इस लेख के लिए SEO फ्रेंडली टाइटल, मेटा डिस्क्रिप्शन और हैशटैग भी तैयार कर सकता हूँ।





