भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार तेजी से बढ़ रहा है, और दुनिया की सबसे बड़ी EV निर्माता कंपनियां इसका हिस्सा बनना चाहती हैं। जहां एलन मस्क की टेस्ला अभी भी भारतीय बाजार में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है, वहीं चीनी EV निर्माता कंपनी BYD ने यहां अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा ली है। अब रिपोर्ट्स के मुताबिक, BYD तेलंगाना के हैदराबाद में एक विनिर्माण सुविधा स्थापित करने की योजना बना रहा है, जिससे भारत में इसकी पकड़ और मजबूत होगी।
BYD का बड़ा निवेश
द फिलॉक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, BYD हैदराबाद में 85,000 करोड़ रुपये (10 अरब डॉलर) का निवेश करने पर विचार कर रहा है। यह विनिर्माण सुविधा इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन के लिए इस्तेमाल की जाएगी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कंपनी तेलंगाना में जमीन की तलाश कर रही है और संभावना है कि हैदराबाद को अंतिम स्थान के रूप में चुना जाएगा।

क्षमता और उत्पादन
भारत में यह सुविधा 500 एकड़ भूमि पर फैली होगी और 2032 तक इसकी उत्पादन क्षमता 6,00,000 वाहनों तक पहुंचने की उम्मीद है। साथ ही, बैटरी उत्पादन इकाई की क्षमता 20 GWh होगी। इस तरह की क्षमता वाली फैक्ट्री स्थापित करने से कंपनी को अपने वाहनों की कीमतें कम करने और बाजार में मजबूत पकड़ बनाने में मदद मिलेगी।
हैदराबाद बनेगा EV हब
इस नई सुविधा के साथ, हैदराबाद इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। राज्य सरकार ने EV अपनाने को बढ़ावा देने के लिए एक नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति पेश की है, जिसमें महत्वपूर्ण प्रोत्साहन शामिल हैं। इस नीति के तहत, 31 दिसंबर 2026 तक सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी छूट दी गई है।




