रिपोर्टर: उमेश डहरिया, कोरबा
मुख्य स्थल एवं मार्ग
सावन मास के तीसरे सोमवार को कोरबा जिले स्थित सर्वमंगला मंदिर से प्रारंभ होकर कनकी धाम (कंकनेश्वर महादेव मंदिर) तक भव्य कांवर यात्रा निकाली गई। इस पारंपरिक यात्रा में महापौर संजू देवी राजपूत, पार्षद और भाजपा कार्यकर्ता श्रद्धालुओं सहित शामिल हुए।
यात्रा का आरंभ
श्रद्धालुओं ने सुबह-सुबह हसदेव नदी से जल लेकर पहले सर्वमंगला मंदिर में विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की। उसके पश्चात ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल-बम’ के जयघोष के बीच पैदल यात्रा शुरू हुई, जहां श्रद्धालु दीजे और भोले बाबा की झांकी के साथ गाते, नाचते हुए कनकी की ओर बढ़े।
कनकी धाम में जलाभिषेक
यात्रा कंकनेश्वर धाम पर समापन हुई, जहां सभी भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक पूर्वक पूजन किया। पूरे मार्ग में भक्ति वातावरण विद्यमान रहा तथा जयघोषों की गूँज लंबी दूरी तक सुनाई दी।
सतत परंपरा एवं श्रद्धा
यह यात्रा लगातार 11 वर्षों से सावन माह के तीसरे सोमवार को मनायी जा रही है। कोरबा में पंचकोशी की तरह इस यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं, जो शिवभक्ति एवं सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
सावन मास और उत्साह का महत्त्व
सावन मास में तीसरा सोमवार 28 जुलाई 2025 को था, जो ज्योतिषीय दृष्टि से भी संरचित दिन रहा—एक दुर्लभ लक्ष्मी योग बन रहा था, विशेष रूप से वृषभ, मिथुन, कन्या, धनु और कुंभ राशि के जातकों हेतु शुभ माना गया। on इस दिन भगवान शिव और गणेश की पूजा का भी विशेष महत्व होता है।





