बोकारो। जिले में भ्रूण जांच के लिए अवैध तरीके से अल्ट्रासाउंड किए जाने का मामला सामने आया है। यह खुलासा तब हुआ जब बोकारो की डीडीसी (डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर) शताब्दी मजूमदार को इस संबंध में गुप्त सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर उन्होंने चिकित्सक डॉ. अरविंद कुमार और चास अंचल अधिकारी दिवाकर दुबे के साथ मिलकर चास के आईटीआई मोड़ स्थित शिव अस्पताल में छापेमारी की।
छापेमारी में मिला बड़ा सबूत
छापेमारी के दौरान पता चला कि अस्पताल में डॉ. महेंद्र प्रसाद के द्वारा गैरकानूनी ढंग से महिला का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा था। उस समय चार अन्य महिलाएं भी अस्पताल में मौजूद थीं, जो अल्ट्रासाउंड की प्रतीक्षा कर रही थीं।
वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका अस्पताल प्रबंधन
पूछताछ के दौरान अस्पताल प्रबंधन अल्ट्रासाउंड संचालन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। इस पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अल्ट्रासाउंड मशीन और संबंधित कागजातों को सील कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने की पुष्टि
डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि अस्पताल गैरकानूनी तरीके से अल्ट्रासाउंड कर रहा था, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग से कोई वैध लाइसेंस निर्गत नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि डीसी के निर्देश पर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगे होगी कड़ी कार्रवाई
डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने कहा कि बिना लाइसेंस के अल्ट्रासाउंड संचालित करना गंभीर अपराध है। जल्द ही अस्पताल को पूरी तरह सील करने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।





