संवाददाता – अविनाश चंद्र
एमसीबी जिले के जनपद पंचायत खड़गवां अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पोड़ी डीह और ग्राम पंचायत कोडांगी के किसानों को पिछले तीन वर्षों से सिंचाई संकट का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की फसलों के लिए बनाई गई नहरें कई स्थानों पर टूटी पड़ी हैं, लेकिन जल संसाधन विभाग की लापरवाही के चलते अब तक उनकी मरम्मत नहीं हो सकी।
सरपंच बोले – कई बार दी सूचना, फिर भी कार्रवाई नहीं
ग्राम पंचायत कोडांगी के सरपंच ने बताया कि नहर टूटने और पानी की बर्बादी की शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजतन सैकड़ों किसान सिंचाई से वंचित हो गए हैं और फसलों के सूखने का खतरा मंडरा रहा है।
ई साहब दफ्तर से नदारद, फोन भी नहीं उठाते
स्थानीय किसानों और सरपंच का आरोप है कि विभाग के ई साहब पिछले एक महीने से दफ्तर से नदारद रहते हैं। पत्रकारों द्वारा संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन ई साहब फोन तक नहीं उठाते। ग्रामीणों का कहना है कि साहब अंबिकापुर और रायपुर के काम में इतने व्यस्त रहते हैं कि किसानों की समस्या तक सुनने का समय नहीं है।
स्वदेश न्यूज़ की टीम ने देखी नहर की हकीकत
जब स्वदेश न्यूज़ की टीम मौके पर पहुंची तो पाया कि नहर की साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है। कई जगह नहर पूरी तरह टूटी हुई है, जिसके कारण पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा। कुछ जगह पानी टूटकर सीधे खेतों में जा रहा है, जिससे किसानों को खेती करने में भारी दिक्कत हो रही है।
किसानों का दर्द और विभाग की बेरुखी
एक तरफ किसान अपनी फसलों के लिए पानी को तरस रहे हैं, तो दूसरी तरफ जल संसाधन विभाग और उसके अधिकारी समस्याओं से बेपरवाह नजर आते हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नहर की मरम्मत और सफाई नहीं कराई गई तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
अब देखने वाली बात होगी कि एमसीबी जिले का जल संसाधन विभाग आखिर कब किसानों की समस्याओं पर ध्यान देगा या फिर किसान ऐसे ही अपनी फसलों की सिंचाई के लिए परेशान होते रहेंगे।





