रिपोर्ट- विष्णु गौतम
भिलाई। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने शुक्रवार को ‘वोट चोर गद्दी छोड़ो’ पदयात्रा के समापन अवसर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। यह पदयात्रा रायगढ़ से शुरू होकर भिलाई में समाप्त हुई। बघेल ने दावा किया कि इस यात्रा को जनता का अपार समर्थन मिला है और लोगों ने पूरे जोश के साथ इसमें भागीदारी की।
वोट चोरी का लगाया आरोप
बघेल ने कहा कि अब तक लोग तरह-तरह की चोरी सुनते आए हैं, लेकिन पहली बार वोट चोरी का मामला सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला 7 अगस्त को राहुल गांधी ने उजागर किया था। बघेल ने कहा कि कांग्रेस नेता पूरे देश में इस मुद्दे पर पदयात्रा निकाल रहे हैं और छत्तीसगढ़ की यह यात्रा भी जनता के बीच सफल रही।
चुनाव आयोग को घेरा
चुनाव आयोग द्वारा दिए गए इस बयान पर कि “ऑनलाइन वोट चोरी संभव नहीं है”, बघेल ने सवाल उठाया—”तो फिर मतदाता सूची से नाम कैसे गायब हो जाते हैं?” उन्होंने कहा कि जब कार्यकर्ता घर-घर जाकर सूची देखते हैं, तो नाम मौजूद रहते हैं, लेकिन मतदान के दिन कई मतदाताओं के नाम लिस्ट से गायब पाए जाते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि राजनांदगांव में कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के नाम सूची से हटाए गए थे। साथ ही, भाजपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी वोट डालने का भी आरोप लगाया। बघेल ने कहा कि इस संबंध में शिकायत करने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है।
‘भाजपा आयोग’ बना चुनाव आयोग
बघेल ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह अब “भाजपा आयोग” बन चुका है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने जो तथ्य सामने रखे, वह एक व्हिसलब्लोअर की भूमिका थी। चुनाव आयोग को राहुल गांधी को धन्यवाद देना चाहिए था और अपनी गलती मान लेनी चाहिए थी।”
बघेल ने आगे कहा कि यदि चुनाव आयोग ऐसा करता तो उसकी विश्वसनीयता और सम्मान और भी बढ़ जाता। लेकिन इसके विपरीत आयोग ने अपनी ही गरिमा को नुकसान पहुंचाया है।





