भोपाल: निजी स्कूलों की लूट, स्टिंग ऑपरेशन से हुआ खुलासा

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Bhopal: Looting by private schools, exposed through sting operation

भोपाल, 25 जून 2025
राजधानी भोपाल में निजी स्कूलों की मनमानी और शिक्षा माफिया के गठजोड़ का एक बड़ा मामला सामने आया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने नेहरू नगर चौराहे स्थित एक अवैध दुकान पर स्टिंग ऑपरेशन कर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि स्कूल यूनिफॉर्म, स्टेशनरी और किताबों के नाम पर अभिभावकों को जबरन मनमाने दाम वसूल कर लूटा जा रहा है — और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।

ड्रेस, स्टेशनरी के नाम पर करोड़ों की लूट – स्टिंग में हुआ खुलासा

स्टिंग वीडियो में दुकान का कर्मचारी यह स्वीकार करता नजर आया कि:

“हम सिर्फ बेचने वाले हैं, यह पूरा माल नारायणा स्कूल का है। बचा हुआ माल वापस स्कूल चला जाएगा।”

कर्मचारी ने यहां तक स्वीकार किया कि जो बिल उसे दिया गया है, वह GST रहित है, यानी सरकार के राजस्व को भी चूना लगाया जा रहा है।

विवेक त्रिपाठी ने प्रशासनिक मिलीभगत पर उठाए सवाल

त्रिपाठी ने कहा कि ये दुकानें बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रही हैं, और इन पर स्कूलों का सीधा नियंत्रण है। उन्होंने दावा किया कि प्रशासनिक आदेश संख्या 3668, दिनांक 08 अप्रैल 2025 के अनुसार, स्कूलों की गतिविधियों की जांच के लिए एक निरीक्षण दल गठित किया गया था। लेकिन जब जिम्मेदार अधिकारी श्रीमती अर्चना शर्मा (SDM, टीटी नगर) से संपर्क किया गया, तो फोन किसी और ने उठाया और कहा गया कि यह गलत नंबर है। यह दर्शाता है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को लेकर कितना लापरवाह है — या फिर कहीं कमिशन की मौन साझेदारी है।

भोपाल में फल-फूल रहा है शिक्षा माफिया, अभिभावक लाचार

विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि भोपाल सहित पूरे प्रदेश में निजी स्कूल शिक्षा माफियाओं के साथ गठजोड़ कर अभिभावकों को दस गुना महंगे दामों पर ड्रेस, बैग, किताबें और स्टेशनरी खरीदने पर मजबूर कर रहे हैं। इससे एक ओर अभिभावकों की जेब कट रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार को GST और आयकर का करोड़ों का नुकसान हो रहा है।

की गई ये मुख्य माँगें

विवेक त्रिपाठी ने प्रेस के माध्यम से प्रशासन के सामने चार प्रमुख माँगें रखीं:

  1. नेहरू नगर स्थित अवैध दुकान को तत्काल सील किया जाए।
  2. नारायणा स्कूल प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई हो।
  3. पूर्व में गठित जांच समिति की निष्क्रियता की समीक्षा की जाए।
  4. सभी स्कूलों में पालक संघ (Parent Association) का गठन अनिवार्य किया जाए, और उसकी अनुशंसाओं को प्रशासनिक मान्यता मिले।

कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

त्रिपाठी ने कहा कि यदि जल्द कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस इस मुद्दे पर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पूर्व में इस तरह की शिकायतों पर समय रहते गंभीर कार्रवाई होती, तो आज अभिभावकों को इस तरह लूटा नहीं जा रहा होता।

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