मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासन ने अवैध ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश करते हुए एक बड़ा ऑपरेशन अंजाम दिया।
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने गुप्त सूचना के आधार पर ‘ऑपरेशन क्रिस्टल ब्रेक’ चलाया, जिसमें सूरत और मुंबई पुलिस का भी सहयोग मिला।
इस कार्रवाई में अधिकारियों ने 61.2 किलो मेफेड्रोन (नशीला पदार्थ) जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹92 करोड़ आंकी गई।
ऑपरेशन के दौरान क्या-क्या मिला?
16 अगस्त 2025 को भोपाल जिले के ग्राम जगदीशपुर (इस्लामनगर) स्थित अवैध फैक्ट्री से भारी मात्रा में नशा और कच्चा माल जब्त किया गया।
- 61.2 किलो मेफेड्रोन (तरल रूप में) – कीमत ₹92 करोड़
- 541.53 किलो कच्चा माल, जिसमें शामिल हैं:
- मेथिलीन डाइक्लोराइड
- एसीटोन
- मोनोमीथाइलामीन
- हाइड्रोक्लोरिक एसिड
- 2-ब्रोमो
- पूरी प्रोसेसिंग मशीनरी
फैक्ट्री सुनसान इलाके में बनाई गई थी और चारों ओर से ढकी हुई थी ताकि किसी की नज़र न पड़े। छापेमारी के दौरान एक केमिस्ट और उसके सहयोगी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार हुए आरोपी कहां से?
इस ऑपरेशन में कुल 7 लोग गिरफ्तार किए गए, जो अलग-अलग राज्यों से जुड़े थे:
- उत्तर प्रदेश (बस्ती): एक सदस्य, जो मुंबई से भोपाल तक कच्चे माल की सप्लाई देखता था।
- मुंबई: दो सप्लायर और एक ट्रांसपोर्टर पकड़े गए।
- सूरत: हवाला के जरिए फंड ट्रांसफर करने वाला आरोपी गिरफ्तार।
सभी आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे भारत में बैठे अपने विदेशी सरगना और मेफेड्रोन नेटवर्क के किंगपिन के निर्देश पर काम कर रहे थे।
मेफेड्रोन क्या है और क्यों खतरनाक है?
मेफेड्रोन एक खतरनाक साइकोएक्टिव ड्रग है, जिसके प्रभाव कोकीन और एम्फ़ेटामाइन जैसे माने जाते हैं।
इसे NDPS अधिनियम 1985 के तहत प्रतिबंधित किया गया है।
- यह नशा करने वालों को तेजी से प्रभावित करता है।
- लंबे समय तक सेवन से मानसिक और शारीरिक नुकसान होता है।
- ड्रग तस्करी में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
DRI का अभियान जारी
DRI पिछले एक साल में अब तक 6 गुप्त मेफेड्रोन फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ कर चुका है।
एजेंसी का कहना है कि वह अवैध ड्रग फैक्ट्रियों को जड़ से खत्म करने और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट्स तक पहुंचने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।





