सोने की बढ़ती चमक, लेकिन खतरे का इशारा भी !
Concept: R P Shrivastva, By Vijay Nandan
भोपाल: भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि विश्वास, परंपरा और निवेश का प्रतीक है। शादी-ब्याह से लेकर त्योहारों तक सोने का चलन हमारे जीवन में गहराई से जुड़ा हुआ है। लेकिन अगर आप सोचते हैं कि आपकी तिजोरी में रखा सारा सोना पूरी तरह आपका है, तो यह आधा सच है। दरअसल सरकार और आरबीआई (भारतीय रिज़र्व बैंक) के पास ऐसे नियम हैं, जिनके तहत कुछ परिस्थितियों में आपका सोना जब्त किया जा सकता है। क्या हैं वो नियम आगे इस लेख में पढ़िए।
दुनियाभर में सोने की बढ़ती डिमांड
वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर सोने की मांग तेजी से बढ़ रही है। 2025 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम 2,700 डॉलर प्रति औंस (लगभग ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम) के पार पहुंच चुके हैं। इसके पीछे मुख्य कारण हैं, रुस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी देशों की भू-राजनीतिक अस्थिरता, अमेरिका और यूरोप में मुद्रास्फीति (Inflation) निवेशकों का डॉलर से भरोसा उठना और सुरक्षित निवेश की तलाश, एशियाई देशों, खासकर भारत और चीन में बढ़ती मांग, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है। विश्व गोल्ड काउंसिल के अनुसार हर साल भारत में लगभग 800-900 टन सोने की खपत होती है।

भारत में सोने की दीवानगी
त्योहारों और शादियों के मौसम में भारत में सोने की मांग चरम पर होती है। धनतेरस और अक्षय तृतीया जैसे अवसरों पर करोड़ों भारतीय सोना खरीदते हैं, लेकिन सरकार लगातार इस बात से चिंतित है कि भारत का गोल्ड इंपोर्ट बिल बहुत ज्यादा है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार प्रभावित होता है इसीलिए सरकार समय-समय पर सोने की जमाखोरी (Hoarding) पर नजर रखती है और आयकर विभाग व आरबीआई के जरिए नियम लागू करती है।

आयकर विभाग की गाइडलाइन, कितना सोना रख सकते हैं आप
आयकर विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आयकर छापे (Income Tax Raid) के दौरान व्यक्ति से तय मात्रा तक का सोना जब्त नहीं किया जा सकता, भले ही उसका स्रोत स्पष्ट न हो। ये सीमा इस प्रकार है:
- व्यक्ति का प्रकार अधिकतम स्वीकृत सोना
- अविवाहित महिला पहले 250 ग्राम, अब (500 ग्राम)
- विवाहित महिला 500 ग्राम
- पुरुष (विवाहित/अविवाहित) 100 ग्राम

इसका मतलब यह नहीं है कि इससे ज्यादा सोना रखना अवैध है लेकिन अगर आप इससे अधिक मात्रा में सोना रखते हैं, तो आपको उसके स्रोत (खरीद बिल, उत्तराधिकार, गिफ्ट आदि) का प्रमाण देना होगा। अगर प्रमाण नहीं मिला, तो आयकर विभाग जब्ती (Seizure) की कार्रवाई कर सकता है।

क्या RBI सोने की कीमत नियंत्रित कर सकता है?
आरबीआई सीधे तौर पर सोने की कीमत तय नहीं करता, क्योंकि सोना एक अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी (Commodity) है, जिसकी कीमत वैश्विक बाजार (London Bullion Market) में तय होती है, हालांकि आरबीआई सोने के आयात, सोने से जुड़ी स्कीमों और बैंकों के माध्यम से गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम (GMS) पर नियंत्रण रखता है। केंद्रीय बैंक समय-समय पर सोने के आयात पर शुल्क (Import Duty) बदलकर या बैंकों के लिए गाइडलाइन जारी कर सोने की कीमतों पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण करता है।
केंद्र सरकार क्या कर सकती है?
- केंद्र सरकार के पास कई ऐसे प्रावधान हैं जिनसे वह सोने पर नियंत्रण या प्रतिबंध लगा सकती है:
- गोल्ड कंट्रोल एक्ट (1962) जैसी व्यवस्था, जिसमें लोगों के पास रखे सोने की सीमा तय थी।
- नोटबंदी की तर्ज पर सरकार किसी भी आपात स्थिति में सोने के भंडारण या घोषणा की मांग कर सकती है।
- गोल्ड डिक्लेरेशन स्कीम के तहत लोगों से अपने पास रखे सोने की जानकारी देने को कहा जा सकता है।
- गोल्ड बॉन्ड स्कीम को बढ़ावा देकर सरकार यह कोशिश करती है कि लोग भौतिक सोने की बजाय डिजिटल रूप में निवेश करें।

क्या सरकार सोना जब्त कर सकती है?
- हाँ, कुछ परिस्थितियों में सरकार के पास यह अधिकार है:
- अगर सोना अघोषित आय या ब्लैक मनी के रूप में पाया जाता है।
- अगर व्यक्ति के पास सोने की मात्रा निर्धारित सीमा से बहुत अधिक है और उसके स्रोत का प्रमाण नहीं दे पाता।
- गोल्ड स्मगलिंग या अवैध व्यापार में उपयोग होने पर भी सोना जब्त किया जा सकता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
- आज के समय में जब सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं, तो निवेश से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें:
- हमेशा खरीद की रसीद (Bill/Invoice) संभाल कर रखें।
- ज्वेलरी की बजाय डिजिटल गोल्ड, गोल्ड बॉन्ड या ETF में निवेश करें।
- अपने सोने की घोषणा और वैध स्रोत का रिकॉर्ड रखें।
- बड़ी मात्रा में सोना बैंक लॉकर में रखने से पहले उसके बीमा और डिक्लेरेशन की प्रक्रिया पूरी करें।
सोना भले ही “सुरक्षित निवेश” माना जाता हो, लेकिन यह सरकारी और कर नियमों से मुक्त नहीं है। आपकी तिजोरी में रखा सोना तभी सुरक्षित है, जब वह वैध रूप से खरीदा गया हो और उसके दस्तावेज मौजूद हों। कहावत है “स्वर्ण की चमक अच्छी है, पर बिना प्रमाण उसकी कीमत कभी भी फीकी पड़ सकती है तो याद रखिए जब भी सोना खरीदे उसके स्रोत का प्रमाण रखे, रसीद और दस्तावेज संभाल कर रखें।





