रिपोर्ट: प्रशांत जोशी, कांकेर
कांकेर जिला मुख्यालय के अघन नगर एवं जनकपुर वार्ड की सीमा पर स्थित पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व का कंकालिन तालाब अब जल्द ही एक नए स्वरूप में नजर आएगा। तालाब के गहरीकरण, पचरीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य की शुरुआत एक भव्य कार्यक्रम के माध्यम से की गई, जिसकी अनुमानित लागत डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है।
इस कार्य का शुभारंभ कांकेर विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक, कांकेर जिलाधीश निलेश महादेव क्षीरसागर की गरिमामयी उपस्थिति में विधि-विधान से पूजा अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष, वार्ड पार्षद तथा स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूजा के बाद विधिवत रूप से जेसीबी मशीन से खुदाई कर कार्य प्रारंभ किया गया।
कंकालिन तालाब का नाम माता कंकालिन देवी के नाम पर रखा गया है, जो स्थानीय आस्था का केंद्र रही हैं। तालाब की ऐतिहासिकता इस बात से भी जुड़ी हुई है कि जनश्रुतियों एवं बुजुर्गों की कहानियों के अनुसार यहां पारस पत्थर की मौजूदगी का उल्लेख मिलता है, जिससे जुड़ी कई पौराणिक कथाएं क्षेत्र में प्रचलित हैं।
तालाब के सौंदर्यीकरण से न केवल क्षेत्र की जलसंरचना सुदृढ़ होगी, बल्कि यह स्थल पर्यटन की दृष्टि से भी आकर्षण का केंद्र बन सकेगा। नगरवासियों को भी उम्मीद है कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह तालाब न सिर्फ धार्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बन जाएगा।





