Report by: Bhuwan Singh, Edit by: Priyanshi soni
Basant Panchami: बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सरोवर नगरी नैनीताल में श्री राम सेवक सभा के तत्वावधान में निःशुल्क सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार (उपनयन/बर्पन) का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में नगर के विभिन्न क्षेत्रों से आए कुल 32 बटुकों का विधिवत जनेऊ संस्कार संपन्न कराया गया।
Basant Panchami: वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ संस्कार
कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ अनुष्ठान संपन्न हुए। इनमें से 20 बटुकों को यज्ञोपवीत संस्कार के अंतर्गत जनेऊ धारण कराया गया। संस्कार के पश्चात काशी प्रस्थान की परंपरा का निर्वहन करते हुए बटुकों ने गुरु के आदेश पर शिक्षा ग्रहण करने का संकल्प लिया।
Basant Panchami: गायत्री मंत्र दीक्षा और गुरु मंत्र

संस्कार के दौरान बटुकों को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी गई। इसके बाद बटुकों ने भिक्षा लेकर गुरु को अर्पित की। परंपरा के अनुसार गुरु ने उनके कानों में गुरु मंत्र दिया, जिससे संस्कार की प्रक्रिया पूर्ण हुई।
बसंत पंचमी का धार्मिक और शैक्षणिक महत्व
कार्यक्रम में उपस्थित पुरोहित भगवत प्रसाद जोशी ने बताया कि बसंत पंचमी केवल वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह विद्या, ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती की आराधना का विशेष पर्व है। उन्होंने कहा कि इस दिन किया गया यज्ञोपवीत संस्कार बच्चों के मानसिक विकास में सहायक होता है और ग्रहों की प्रतिकूल दशाओं को शांत करने में भी प्रभावी माना जाता है।
Basant Panchami: धार्मिक परंपराओं के संरक्षण की पहल
श्री राम सेवक सभा द्वारा आयोजित यह सामूहिक संस्कार कार्यक्रम सामाजिक सहभागिता और सनातन परंपराओं के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। आयोजन में बड़ी संख्या में परिजन और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरे वातावरण में धार्मिक और सांस्कृतिक उल्लास देखने को मिला।
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