BY
Yoganand Shrivastava
Bankipur Assembly By Election बिहार के राजनीतिक गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए ‘जन सुराज पार्टी’ ने सीधे अपने सूत्रधार और विख्यात चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। रविवार, 5 जुलाई को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने इस ऐतिहासिक फैसले की आधिकारिक घोषणा की। यह पहला मौका होगा जब प्रशांत किशोर किंगमेकर की भूमिका से बाहर निकलकर खुद प्रत्यक्ष रूप से अपनी जिंदगी का पहला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
Bankipur Assembly By Election बीजेपी का अभेद्य किला है बांकीपुर, नितिन नबीन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को पारंपरिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है:

- क्यों हो रहा है उपचुनाव: इस सीट से लगातार चुनाव जीतते आ रहे बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन के राज्यसभा जाने और सीट से इस्तीफा देने के कारण यहां उपचुनाव की स्थिति बनी है।
- बीजेपी का दबदबा: इस निर्वाचन क्षेत्र में पिछले लगातार पांच चुनावों से बीजेपी का एकछत्र राज रहा है। ऐसे में प्रशांत किशोर का यहां से लड़ना मुकाबले को बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय बनाने जा रहा है।
- वोटिंग की तारीख: बांकीपुर विधानसभा सीट पर आगामी 30 जुलाई 2026 को मतदान होना तय हुआ है।
Bankipur Assembly By Election पहले किया था इनकार, अब खुद कमान संभालने की क्या है वजह?
बिहार के पिछले मुख्य विधानसभा चुनावों में जन सुराज पार्टी का खाता भी नहीं खुल सका था और पार्टी शून्य पर सिमट गई थी। उस वक्त प्रशांत किशोर के लिए दो सुरक्षित सीटें चुनी गई थीं, लेकिन ऐन वक्त पर उन्होंने खुद चुनाव लड़ने के बजाय केवल सांगठनिक प्रचार पर ध्यान केंद्रित किया था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार खुद मैदान में उतरकर प्रशांत किशोर न सिर्फ बिहार विधानसभा में अपनी पार्टी का खाता खोलना चाहते हैं, बल्कि सीधे बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाकर सूबे की राजनीति को एक नया विकल्प देने का संदेश भी देना चाहते हैं।
Bankipur Assembly By Election प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती का दावा: जनता में है नाराजगी
उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पिछले एक महीने तक जमीन पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया है। जनता से मिले फीडबैक के आधार पर उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोग मौजूदा सरकार की नीतियों के खिलाफ हैं और बदलाव चाहते हैं। यही वजह है कि पार्टी ने यहां से अपने सबसे मजबूत और बड़े चेहरे को चुनावी अखाड़े में उतारने का निर्णय लिया है।





