PM Modi Semiconductor Plan : 20 साल पहले ही तैयार हो गया था सेमीकंडक्टर प्लांट का ब्लूप्रिंट
PM Modi Semiconductor Plan : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले, जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने राज्य में सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने की पूरी योजना तैयार कर ली थी। इसके लिए गांधीनगर और प्रांतिज के पास लगभग 350 से 400 एकड़ जमीन भी चिन्हित कर ली गई थी और कई कंपनियों के साथ शुरुआती बातचीत भी हो चुकी थी।प्रधानमंत्री ने यह बात गुजरात के साणंद में CG Semi के आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) प्लांट के उद्घाटन के दौरान कही। उन्होंने बताया कि उस समय केंद्र सरकार की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में जब वह सेमीकंडक्टर उद्योग की बात करते थे, तब कई लोग और मीडिया उनके विचारों का मजाक उड़ाते थे, लेकिन आज वही सपना साकार होता देखकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है।

PM Modi Semiconductor Plan : भारत बन रहा ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब, निवेश और निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में India Semiconductor Mission की शुरुआत 76,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ की थी, जिसके तहत कंपनियों को 50 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता देने की व्यवस्था की गई।वहीं, बजट 2026-27 में Semiconductor Mission 2.0 की घोषणा करते हुए अनुसंधान (Research) और कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए अतिरिक्त 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दिसंबर 2025 तक देश के छह राज्यों में लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 10 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, साणंद स्थित नए प्लांट में बनने वाली चिप्स का उपयोग ऑटोमोबाइल, दोपहिया वाहनों और औद्योगिक उपकरणों में किया जाएगा। साथ ही इनका निर्यात जापान, अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख वैश्विक बाजारों में भी होगा, जिससे भारत की तकनीकी क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
PM Modi Semiconductor Plan : 2030 तक 100 अरब डॉलर से अधिक का हो सकता है भारतीय बाजार
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का सेमीकंडक्टर बाजार वर्ष 2023 में लगभग 38 अरब डॉलर का था, जो वर्ष 2030 तक बढ़कर 100 से 110 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। ऐसे में सरकार का फोकस घरेलू विनिर्माण बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और भारत को वैश्विक चिप निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने पर है।प्रधानमंत्री के इस बयान ने यह भी संकेत दिया है कि भारत का सेमीकंडक्टर मिशन केवल वर्तमान की योजना नहीं, बल्कि दो दशक पहले देखे गए एक दीर्घकालिक विजन का परिणाम है।

