Report: Laxmi Kant Tiwari
Banda (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से गौ-संरक्षण के दावों की धज्जियां उड़ाती एक बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। नरैनी विकासखंड की ग्राम पंचायत तेरा ब स्थित गौशाला में अव्यवस्था और क्रूरता की सारी हदें पार हो गई हैं। यहाँ गौवंश की सेवा के नाम पर उन्हें तड़पने के लिए छोड़ दिया गया है, जिससे यह गौशाला अब ‘मृत्युशाला’ में बदल चुकी है।
भूख-प्यास से तड़पते बेजुबान, शवों को नोच रहे कुत्ते
Banda गौशाला की ज़मीनी हकीकत दिल दहला देने वाली है। यहाँ बंद गौवंश भूख और प्यास से बेहाल हैं। चारे और पानी का समुचित प्रबंध न होने के कारण कई गायें इतनी कमजोर हो चुकी हैं कि वे खड़े होने की स्थिति में भी नहीं हैं। सबसे वीभत्स तस्वीर तब सामने आई जब मृत गायों को सम्मानजनक समाधि देने के बजाय खुले मैदान में फेंक दिया गया, जहाँ आवारा कुत्ते उनके शवों को नोचते नजर आ रहे हैं। इस लापरवाही ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, बल्कि इलाके में संक्रमण का खतरा भी बढ़ा दिया है।

“यह गौ-सेवा नहीं, गौ-हत्या है”: आक्रोशित गौ-सेवक
Banda स्थानीय गौ-सेवकों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गौ-सेवक राहुल बाबा, राहुल मिश्रा और रजनू तिवारी ने आरोप लगाया है कि करोड़ों का बजट कागजों पर खर्च हो रहा है, जबकि धरातल पर गायें तिनके-तिनके को मोहताज हैं। राहुल बाबा ने सख्त लहजे में कहा, “यह गौ-हत्या से कम नहीं है। प्रशासन सिर्फ फाइलों में सेवा दिखा रहा है, जबकि यहाँ की हकीकत भयावह है। यदि तत्काल व्यवस्था नहीं सुधरी तो हम बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।”
प्रशासन से न्याय की मांग और आंदोलन की चेतावनी
Banda इस घटनाक्रम ने जिले के आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौ-सेवकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- गौशाला में तत्काल पर्याप्त चारा और स्वच्छ पानी की व्यवस्था हो।
- मृत गायों का ससम्मान दाह-संस्कार या भू-समाधि सुनिश्चित की जाए।
- लापरवाह अधिकारियों और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों पर मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई हो।





