Balochistan: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी गतिविधियों को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। विद्रोही समूहों ने 11 अगस्त को ‘बलूचिस्तान आजादी दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। यह तारीख पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस यानी 14 अगस्त से तीन दिन पहले आती है। इस अवसर पर ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ नाम से एक समूह ने ऑनलाइन संदेश जारी कर बलूचिस्तान की स्वतंत्रता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने की अपील की है।
समूह ने अपने संदेश में बलूचिस्तान में रहने वाले बलोच, पश्तून, हिंदू, सिख और अन्य समुदायों के लोगों को आजादी दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। साथ ही दावा किया गया है कि लोगों को इस आयोजन से दूर रखने के लिए क्षेत्र में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर रोक लगाई गई है।
Balochistan: 11 अगस्त को आजादी दिवस मनाने का दावा
‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ की ओर से जारी संदेश में दावा किया गया है कि बलूचिस्तान के लोग हर वर्ष 11 अगस्त को अपना राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। समूह का कहना है कि यह दिन केवल जश्न मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बलूचिस्तान की स्वतंत्रता के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल करने का अवसर भी है।
समूह ने दुनिया के देशों से बलूचिस्तान को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में कानूनी, राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक मान्यता देने की मांग की है। हालांकि, ये दावे संगठन की ओर से जारी बयान पर आधारित हैं और पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक रुख इससे अलग है।
Balochistan: बलूचिस्तान को अलग देश के रूप में मान्यता देने की मांग
समूह ने अपने बयान में बलूचिस्तान को पाकिस्तान के एक प्रांत के बजाय स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की मांग की है। इसके साथ ही उसने विदेश नीति, रक्षा, अर्थव्यवस्था, प्रशासन और कूटनीति जैसे क्षेत्रों में स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार हासिल करने की बात कही है।
बयान में दावा किया गया है कि भविष्य में स्वतंत्र बलूचिस्तान के लिए अलग पासपोर्ट, मुद्रा और विदेशों में राजनयिक मिशन स्थापित किए जाएंगे। समूह ने कहा है कि इनसे संबंधित योजनाओं और तारीखों की घोषणा उचित समय पर की जाएगी।
Balochistan: अलगाववादी संगठन ने नेतृत्व को एकजुट करने की बात कही
जारी संदेश में बलूचिस्तान के अलगाववादी आंदोलन से जुड़े नेतृत्व को एकजुट करने की कोशिशों का भी उल्लेख किया गया है। समूह का दावा है कि क्षेत्र के राजनीतिक और आंदोलनकारी नेतृत्व को एक मंच पर लाने के प्रयास चल रहे हैं।
बयान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष में मारे गए लोगों और जेलों में बंद बलोचों का भी उल्लेख किया गया है। समूह ने कहा है कि वह इन लोगों को नहीं भूलेगा और उनकी कुर्बानियों को आंदोलन का हिस्सा मानता है।
Balochistan: पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष जारी रखने का ऐलान
समूह ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने सशस्त्र संघर्ष को जारी रखने की बात भी कही है। बयान में संगठन ने अपने लड़ाकों को मजबूत बताते हुए दावा किया कि वे अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम हैं।
हालांकि, ऐसे बयानों के बीच क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बनी रहती है। बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी संगठनों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है।
Balochistan: संयुक्त राष्ट्र और दूसरे देशों से हस्तक्षेप की अपील
‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ ने संयुक्त राष्ट्र समेत अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विभिन्न देशों से बलूचिस्तान के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। बयान में संयुक्त राष्ट्र, आसियान, अफ्रीकी संघ, OIC और यूरोपीय देशों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है।
समूह का आरोप है कि बलूचिस्तान में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन की मांग की है।
Balochistan: इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद करने का दावा
आजादी दिवस के आयोजन को लेकर समूह ने पाकिस्तान प्रशासन पर क्षेत्र में संचार सेवाओं को बाधित करने का आरोप लगाया है। बयान में दावा किया गया है कि मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को बंद किया गया, ताकि लोगों की गतिविधियों और कथित समारोहों को नियंत्रित किया जा सके।
समूह ने यह भी आरोप लगाया है कि बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई गई है। उसके मुताबिक पाकिस्तानी वायुसेना के विमान भी क्षेत्र में निगरानी गतिविधियों में शामिल हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के संबंध में जानकारी स्पष्ट नहीं है।
Balochistan: पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से तीन दिन पहले आयोजन
बलूचिस्तान में 11 अगस्त को आजादी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा का समय भी महत्वपूर्ण है। पाकिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त को मनाता है। ऐसे में 11 अगस्त को अलग स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मनाने का ऐलान पाकिस्तान की संप्रभुता को चुनौती देने वाले अलगाववादी आंदोलन के राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
बलूचिस्तान में सक्रिय अलगाववादी संगठन लंबे समय से क्षेत्र को पाकिस्तान से अलग करने की मांग करते रहे हैं। दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार इन मांगों और सशस्त्र गतिविधियों का विरोध करती रही है तथा क्षेत्र में सुरक्षा अभियानों को देश की संप्रभुता और सुरक्षा से जोड़कर देखती है।
Balochistan: बलूचिस्तान के मुद्दे पर बढ़ सकता है राजनीतिक तनाव
11 अगस्त के आयोजन को लेकर सामने आए बयान से एक बार फिर बलूचिस्तान का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आने की संभावना है। एक तरफ अलगाववादी समूह स्वतंत्र राष्ट्र की मांग को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने की कोशिश का दावा कर रहे हैं, वहीं पाकिस्तान के लिए यह उसकी क्षेत्रीय अखंडता और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 11 अगस्त के आयोजन के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कैसी रहती है और पाकिस्तान सरकार की ओर से इस घोषणा पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संगठनों और अन्य देशों की ओर से इस मुद्दे पर किसी तरह की आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।



