बाघमारा | सुधीर कुमार सिंह
धनबाद जिले के बाघमारा अनुमंडल अंतर्गत मधुबन थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी विद्यालय में संस्कृत पढ़ाने वाले शिक्षक के साथ उनके ही छात्रों ने मारपीट कर दी। यह घटना शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करती है।
क्या है मामला?
घटना राजकीयकृत द्वारिका प्रसाद लाला मेमोरियल आदर्श +2 विद्यालय, नावागढ़ की है। यहां के पीजीटी (संस्कृत) शिक्षक मयंक कुमार को उनके ही विद्यालय के दो छात्र – नेपाल रवानी और पवन कुमार पांडेय ने एक अन्य साथी के साथ मिलकर हमला कर दिया।
शिक्षक स्कूल से छुट्टी के बाद घर जा रहे थे, तभी खरखरी पुल के पास छात्रों ने उनकी गाड़ी रोककर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। शिक्षक मयंक कुमार को गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि हेलमेट पहनने के कारण उनका सिर सुरक्षित बच गया। घटना के बाद विद्यालय के सभी शिक्षक डरे हुए हैं और गुस्से में हैं।
क्या कहा शिक्षक ने?
पीड़ित शिक्षक मयंक कुमार ने बताया,
“कल की असेंबली के दौरान नेपाल रवानी और पवन पांडे अपने दोस्तों के साथ बाहर घूम रहे थे। मैंने उन्हें अंदर आने को कहा था। शायद यह बात उन्हें बुरी लगी और उन्होंने बाहर जाकर मुझ पर हमला कर दिया। अगर हेलमेट नहीं होता तो मेरी जान जा सकती थी। अब सवाल है कि हम शिक्षक कैसे बच्चों को अनुशासन सिखाएंगे? मैं प्रशासन से न्याय की मांग करता हूं।”
विद्यालय प्रबंधन का बयान
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रेम रंजन ने इस घटना को ‘अत्यंत निंदनीय’ बताया और कहा,
“हमारे शिक्षक पर जो हमला हुआ है, वह पूरे शिक्षक समुदाय को डरा गया है। आरोपी छात्र आज भी स्कूल आकर शिक्षकों को देख लेने और जान से मारने की धमकी दे रहा है। हमने इसकी जानकारी मधुबन थाना और जिला शिक्षा पदाधिकारी को दे दी है।”
पुलिस की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही मधुबन थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार विद्यालय पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पीड़ित शिक्षक का बयान दर्ज किया जा चुका है, और अब आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।





