BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: पाकिस्तानी सेना की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख मीडिया चैनल ‘स्काई न्यूज’ ने उनकी आलोचना करते हुए कहा कि पाक सेना ने भारतीय सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस की नकल की, लेकिन उस तरह के ठोस प्रमाण पेश करने में नाकाम रही।
✦ भारत की पेशेवर प्रेस कॉन्फ्रेंस बनाम पाकिस्तान की ‘नकल’
भारतीय सेना ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में:
- आतंकियों के ठिकानों पर हमले की वीडियो फुटेज दिखाई
- सैटेलाइट इमेज, ग्राउंड इंटेलिजेंस और मिशन डिटेल्स पेश की
- प्रेस को विस्तृत और पारदर्शी जानकारी दी
जबकि पाकिस्तानी सेना ने:
- सिर्फ सोशल मीडिया क्लिप्स पर भरोसा किया
- झूठे और बिना प्रमाण वाले दावे किए
- कोई भी ऑफिशियल डॉक्युमेंटेशन या इंटरनल इंटेल रिपोर्ट नहीं दी
स्काई न्यूज ऑस्ट्रेलिया ने तीखा कमेंट करते हुए कहा कि “पाकिस्तानी सेना ने कॉन्फ्रेंस का स्टाइल तो कॉपी किया, लेकिन कंटेंट और क्रेडिबिलिटी में जीरो निकले।”
✦ पाक सेना का फॉर्मैट कॉपी करना बना मजाक का विषय
पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना की तरह प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की कोशिश की, लेकिन:
- न उनके अफसरों के पास सटीक आंकड़े थे
- न ही उनके पास वास्तविक समय के विजुअल्स
- पत्रकारों के सवालों पर भी वे गोलमोल जवाब देते नजर आए
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी मीम्स और तंज की भरमार हो गई। यूज़र्स ने पाकिस्तान की “कॉपी-पेस्ट आर्मी” कहकर मजाक उड़ाया।
✦ सोशल मीडिया क्लिप्स को बनाया सबूत!
सबसे ज्यादा आलोचना इस बात की हुई कि पाकिस्तानी सेना ने:
- ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब से उठाई गई क्लिप्स को सबूत की तरह पेश किया
- दावा किया कि भारत के कई एयरबेस तबाह किए
- लेकिन जब सबूत की बात आई, तो न वीडियो थे, न तस्वीरें, न सैटेलाइट इमेज





