BY: Yoganand Shrivastva
दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने अचानक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला कर दिया। बताया गया कि आरोपी ने पहले थप्पड़ मारा और फिर उनके बाल खींचने की कोशिश की। घटना के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए सरकार और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने इसे बेहद गंभीर और चिंताजनक करार दिया है।
कांग्रेस का बयान
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री पर हुआ हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा –
“मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी निभाती हैं। अगर राजधानी की मुख्यमंत्री ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता, खासकर महिलाएं, खुद को कैसे सुरक्षित महसूस कर सकती हैं।”
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीति में हिंसा की कोई जगह नहीं है। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा –
“जब अरविंद केजरीवाल पर हमला होता था, तब भाजपा कहती थी कि उन्होंने खुद करवाया है। अब उन्हें खुद तय करना चाहिए कि यह हमला वास्तविक था या इसके पीछे कोई और वजह है।”
शिवसेना (UBT) की प्रतिक्रिया
शिवसेना (उद्धव गुट) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह घटना राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा –
“मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी पहले ऐसे हमले हुए थे और तब भाजपा ने उसका मज़ाक उड़ाया था। अब जब मौजूदा मुख्यमंत्री पर हमला हुआ है, तो यह गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।”
आम आदमी पार्टी का रुख
पूर्व मुख्यमंत्री और आप की वरिष्ठ नेता आतिशी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध की जगह होती है, लेकिन हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आशा जताई कि दिल्ली पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और मुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
केजरीवाल का बयान
पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर इस घटना को शर्मनाक बताया। उन्होंने लिखा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध और मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हिंसा का कोई स्थान नहीं है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली पुलिस आरोपी के खिलाफ उचित कदम उठाएगी।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा नेताओं ने भी इस हमले की निंदा की। राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और संभव है कि इसके पीछे राजनीतिक विरोधियों की रणनीति हो। उन्होंने कहा –
“इस तरह की हरकतें मुख्यमंत्री को डराने के लिए की जाती हैं, लेकिन रेखा गुप्ता डरने वाली नहीं हैं।”
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि मुख्यमंत्री दिल्ली की जनता के लिए काम करती रहेंगी और ऐसे हमले उन्हें रोक नहीं पाएंगे। वहीं, दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसे विपक्ष की साजिश करार दिया।
आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने घटना के तुरंत बाद हमलावर को हिरासत में ले लिया और उसे सिविल लाइंस थाने ले जाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी अचानक से उठकर मुख्यमंत्री पर हमला करने लगा, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।
दिल्ली की मुख्यमंत्री पर जनसुनवाई के दौरान हुआ यह हमला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। एक ओर विपक्ष इसे सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी बता रहा है, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि इसके पीछे राजनीतिक साजिश हो सकती है। अब सबकी निगाहें दिल्ली पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।





