धुबरी हिंसा पर असम के सीएम का बड़ा कदम | देखते ही गोली मारने का आदेश

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
असम धुबरी हिंसा 2025

असम के धुबरी ज़िले में बीते कुछ दिनों से माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। 8 जून 2025 को बकरीद के ठीक अगले दिन, एक हनुमान मंदिर के सामने गाय का कटा हुआ सिर मिलने के बाद से शहर में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ‘देखते ही गोली मारने’ (shoot-at-sight) का सख्त आदेश जारी किया है।


⚠️ घटना की पृष्ठभूमि: किस वजह से फैला तनाव?

  • 8 जून को हनुमान मंदिर के पास मिला गाय का सिर
  • अगले ही दिन एक और गाय का सिर उसी स्थान पर मिला
  • दोनों समुदायों के नेताओं ने पहले मिलकर मामले को शांत किया, लेकिन फिर से तनाव गहरा गया

मुख्यमंत्री के अनुसार यह सिर्फ एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है।


🚨 सीएम सरमा की बड़ी घोषणाएं

धुबरी पहुंचकर मुख्यमंत्री ने प्रेस को संबोधित करते हुए कई अहम बातें कहीं:

  • देखते ही गोली मारने का आदेश: अगर कोई अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करता है तो पुलिस को shoot-at-sight की पूरी छूट दी गई है।
  • पत्थरबाजी और गैरकानूनी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई: कोई भी अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • जाने-पहचाने अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी का आदेश जारी किया गया है।

🕵️‍♂️ क्या है ‘नवीन बांग्ला’ संगठन?

मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि एक संगठन जिसका नाम ‘नवीन बांग्ला’ है, धुबरी को बांग्लादेश में शामिल करने के लिए अभियान चला रहा है।

  • शहर में कुछ जगहों पर इस संगठन के पोस्टर मिले हैं, जिनमें लिखा गया था कि “धुबरी को बांग्लादेश का हिस्सा बनाओ।”
  • यहां तक कि एक आर्मी सिग्नल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी ऐसा पोस्टर चिपकाया गया था।
  • इससे साफ होता है कि बाहरी ताकतें इस इलाके में सांप्रदायिक हिंसा फैलाने की कोशिश कर रही हैं।

🐄 पशु तस्करी भी बनी चिंता का कारण

मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी बताया कि हाल के महीनों में गायों की तस्करी में भी वृद्धि हुई है:

  • पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में गायें लाकर तस्करी की जा रही हैं
  • यह एक संगठित गिरोह का काम हो सकता है
  • सरकार इसकी जांच करेगी कि कौन लोग इसके पीछे हैं

📊 धुबरी की जनसंख्या संरचना

  • धुबरी ज़िले में मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक है
  • 2011 की जनगणना के अनुसार यहां मुस्लिमों की आबादी लगभग 74% है
  • अधिकतर लोग बंगाली बोलने वाले हैं

🛡️ केंद्र सरकार की कार्रवाई

  • केंद्रीय सुरक्षा बलों को भेजा गया है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके
  • विशेष रूप से उन क्षेत्रों में तैनाती की गई है जहां सांप्रदायिक टकराव की आशंका अधिक है

📣 निष्कर्ष: सरकार सख्त, सुरक्षा सर्वोपरि

धुबरी में जो कुछ हुआ है, वह केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सौहार्द पर सीधा हमला है। मुख्यमंत्री का आदेश इस बात का संकेत है कि अब राज्य सरकार कोई भी ढिलाई नहीं बरतेगी।

Harappan Civilization : सिंधु (हड़प्पा) सभ्यता पर भारत और पाकिस्तान के अलग नजरिए

Harappan Civilization : दुनिया की सबसे रहस्यमयी सभ्यताओं में क्यों शामिल है

Emergency 1975 : आपातकाल का सच, यदि वो कठोर कदम न उठता, तो क्या होता?

Emergency 1975 : आपातकाल की पृष्ठभूमि और उस दौर की चुनौतियां (डॉ

ICAI CA Intermediate Result 2026 जारी, ऐसे करें स्कोरकार्ड डाउनलोड; पास प्रतिशत और मेरिट लिस्ट भी उपलब्ध

ICAI CA Intermediate Result 2026 : नई दिल्ली। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स

Plastic Pollution Awareness: हल्द्वानी की महिलाएं बनीं पर्यावरण संरक्षण की मिसाल

Plastic Pollution Awareness: जूट बैग और कूड़ा पृथक्करण के जरिए प्लास्टिक के

Atlas Moth: 99% लोग खा गए धोखा! सांप नहीं, निकला कुदरत का अद्भुत जीव

Atlas Moth: सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर ने लोगों को किया हैरान