नई दिल्ली, 3 जून 2025: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्राथमिक कृषि क्रेडिट सोसाइटीज (PACS) को सरकार की फूडग्रेन स्टोरेज योजना में गहराई से शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने इसे न केवल इन सोसाइटीज की आर्थिक मजबूती के लिए बल्कि ग्रामीण समुदायों के लिए सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण बताया।
PACS की अहमियत: ग्रामीण अर्थव्यवस्था और फूडग्रेन स्टोरेज में
प्राथमिक कृषि क्रेडिट सोसाइटीज ग्रामीण भारत में किसानों को किफायती वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। अमित शाह ने कहा कि PACS को इस योजना में शामिल करने से:
- इनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता की मजबूती आएगी।
- प्रधानमंत्री के “सहकार से समृद्धि” के विजन को बल मिलेगा।
राष्ट्रीय स्तर पर गोदामों का मैपिंग जरूरी
अमित शाह ने खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) को निर्देश दिया है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर गोदामों का मैपिंग करें ताकि:
- राज्यों में उपलब्ध गोदामों की सही स्थिति का पता चले।
- क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार भंडारण क्षमता का सही बंटवारा हो सके।
- खाद्यान्न के नुकसान को कम करते हुए सप्लाई चेन को बेहतर बनाया जा सके।
PACS को और अधिक भंडारण केंद्रों से जोड़ा जाए
अमित शाह ने FCI, NCCF, NAFED और राज्य स्तर के भंडारण संस्थानों से कहा है कि वे PACS को अधिक से अधिक गोदामों से जोड़े ताकि:
- किसान के उत्पाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षित रूप से जमा और वितरित किए जा सकें।
- ग्रामीण खाद्य सुरक्षा में सुधार हो।
- सहकारी संस्थाएं ज्यादा सक्रिय और आत्मनिर्भर बन सकें।
पूरी सहकारी सप्लाई चेन का निर्माण
उन्होंने राज्यों के मार्केटिंग फेडरेशन को भी योजना में शामिल करने पर जोर दिया, जिससे:
- एक संपूर्ण सहकारी सप्लाई चेन तैयार हो सके।
- फसल विपणन और वितरण के काम में तेजी आए।
- ग्रामीण रोजगार के अवसर बढ़ें।
कृषि अवसंरचना कोष के तहत लोन अवधि बढ़ाने का सुझाव
PACS की वित्तीय मजबूती के लिए शाह ने कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund) की लोन अवधि बढ़ाने की मांग की, जिससे:
- लंबी अवधि तक लोन की सुविधा मिल सके।
- PACS अपनी भंडारण और लॉजिस्टिक्स क्षमता में निवेश कर सकें।
- आर्थिक दबाव कम हो और बेहतर प्रबंधन संभव हो।
ग्रामीण रोजगार और सतत विकास को बढ़ावा
PACS की इस भूमिका को बढ़ाना प्रधानमंत्री की योजना के तहत ग्रामीण रोजगार बढ़ाने और स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्य बिंदु:
- अमित शाह ने PACS को फूडग्रेन स्टोरेज योजना में अहम भूमिका निभाने के लिए कहा।
- राष्ट्रीय गोदाम मैपिंग से क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार भंडारण सुनिश्चित होगा।
- PACS को FCI, NCCF, NAFED और राज्य संस्थाओं से जोड़ने पर जोर।
- राज्य मार्केटिंग फेडरेशन के माध्यम से पूरी सहकारी सप्लाई चेन तैयार करना।
- कृषि अवसंरचना कोष के तहत लोन अवधि बढ़ाकर PACS को वित्तीय मदद देना।
- योजना से ग्रामीण रोजगार और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष: अमित शाह का यह कदम भारत की सहकारी संस्थाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। फूडग्रेन स्टोरेज और वितरण नेटवर्क में PACS की भागीदारी से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा भी सुदृढ़ होगी।
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