America: अमेरिका ने ईरान से जुड़े एक बहुराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत, चीन, रूस और ईरान में संचालित कई कंपनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी सरकार का आरोप है कि यह नेटवर्क प्रतिबंधों का सामना कर रही ईरानी एयरलाइन महान एयर (Mahan Air) और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को लॉजिस्टिक, व्यावसायिक और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार करने में मदद कर रहा था।
America: अमेरिकी ट्रेजरी ने की प्रतिबंधों की घोषणा
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने इन नए प्रतिबंधों की घोषणा की। विभाग के अनुसार, कार्रवाई का लक्ष्य छह ऐसी संस्थाएं और व्यक्ति हैं, जिन पर आरोप है कि उन्होंने प्रतिबंधों के बावजूद ईरान के लिए आर्थिक और परिचालन सहयोग जारी रखा।
अमेरिका का कहना है कि इस नेटवर्क के जरिए महान एयर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालन और वित्तीय गतिविधियों में सहायता दी जा रही थी।
America: भारत की स्कीज़ ट्रेवल्स एंड लॉजिस्टिक्स भी प्रतिबंधों के दायरे में
इस कार्रवाई में भारत की स्कीज़ ट्रेवल्स एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड का नाम भी शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि यह कंपनी महान एयर के लिए कमर्शियल और ग्राहक सहायता साझेदार के रूप में काम कर रही थी और उसकी परिचालन गतिविधियों में सहयोग दे रही थी।
अमेरिका का दावा है कि इसी वजह से कंपनी को प्रतिबंधित संस्थाओं की सूची में शामिल किया गया है।
America: चीन और रूस की कंपनियों पर भी कसा शिकंजा
भारत के अलावा चीन और रूस की कई कंपनियों पर भी कार्रवाई की गई है। प्रतिबंधों की सूची में चीन की शंघाई विंग्स इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स और शंघाई एलीट इंटरनेशनल ट्रैवल शामिल हैं। वहीं रूस की एयर कार्लो प्रो लिमिटेड को भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।
अमेरिका का कहना है कि इन कंपनियों ने विभिन्न स्तरों पर ईरानी नेटवर्क को सहयोग दिया, जिससे प्रतिबंधों के बावजूद उसकी गतिविधियां जारी रहीं।
America: महान एयर और IRGC पर क्या हैं आरोप
अमेरिकी अधिकारियों का लंबे समय से आरोप रहा है कि महान एयर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स के लिए परिवहन नेटवर्क के रूप में काम करती रही है। उनके अनुसार, इस एयरलाइन का इस्तेमाल हथियार, सैन्य उपकरण, सैनिकों और बिना पायलट वाले हवाई वाहनों (UAV) के परिवहन के लिए किया गया।
हालांकि, ईरान पहले भी इन आरोपों को खारिज करता रहा है और इन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित बताता आया है।
America: ईरान की फ्रंट कंपनी भी कार्रवाई के दायरे में
प्रतिबंधों के इस पैकेज में ईरान की दादनेगार स्टार्टअप स्टूडियो नामक संस्था को भी शामिल किया गया है। अमेरिका का आरोप है कि यह कंपनी एक फ्रंट संगठन के तौर पर काम कर रही थी और पश्चिम एशिया में अमेरिकी तथा इजरायली ठिकानों से जुड़ी जानकारी जुटाने के साथ-साथ सैन्य गतिविधियों में सहयोग कर रही थी।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ऐसी संस्थाओं के जरिए ईरान अपने नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रहा था।
America: ट्रेजरी सेक्रेटरी ने दी सख्त चेतावनी
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि जो व्यक्ति या संस्थाएं IRGC या महान एयर को वित्तीय, लॉजिस्टिक या व्यावसायिक सहायता उपलब्ध कराती हैं, वे एक ऐसे संगठन को समर्थन देती हैं जिसे अमेरिका आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा मानता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन ऐसे नेटवर्क की पहचान करने, उन्हें सार्वजनिक करने और उन्हें अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से अलग करने की कार्रवाई आगे भी जारी रखेगा।
America: प्रतिबंधों का क्या होगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रतिबंधों के बाद सूचीबद्ध कंपनियों और व्यक्तियों के लिए अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक पहुंच सीमित हो सकती है। इसके अलावा अमेरिकी संस्थाओं और नागरिकों के साथ उनके कारोबारी लेनदेन पर भी रोक लग सकती है।
हालांकि, इस कार्रवाई का वास्तविक प्रभाव संबंधित कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार, बैंकिंग व्यवस्था और वैश्विक साझेदारियों पर आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
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