Air India Plane Crash: ब्रिटेन के परिवार को अब भी अपनों के अवशेषों का इंतजार

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Air India Plane Crash: ब्रिटेन के परिवार को अब भी अपनों के अवशेषों का इंतजार

अहमदाबाद एयर इंडिया बोइंग 787 ड्रीमलाइनर हादसे को लगभग दो महीने हो चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवारों का दर्द अब भी जस का तस है। खासकर ब्रिटेन के उस परिवार का, जिसने इस दुर्घटना में अपने परिजनों को खो दिया। उन्हें अब भी अपनों के अवशेषों के सौंपे जाने का इंतजार है।

यह हादसा 12 जून को हुआ था जब विमान अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में कुल 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मौत हुई, जिनमें 52 ब्रिटिश नागरिक भी शामिल थे।


हादसे की वजह क्या थी?

भारतीय एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार:

  • टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों में ईंधन आपूर्ति रुक गई।
  • पायलटों ने इंजनों को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन देर हो चुकी थी।
  • विमान अहमदाबाद के बी.जे. मेडिकल कॉलेज से टकरा गया।

शवों की पहचान में क्यों हो रही देरी?

भारत-ब्रिटेन की बातचीत

ब्रिटेन और भारत की सरकारें पीड़ित परिवारों को अवशेष सौंपने के लिए लगातार संपर्क में हैं। हाल ही में दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता हुई है।

डीएनए परीक्षण की चुनौती

  • कई शवों की पहचान में डीएनए टेस्टिंग का सहारा लिया जा रहा है।
  • ब्रिटेन की कानूनी संस्था कीस्टोन लॉ ने प्रक्रिया तेज करने की अपील की है।
  • रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ अवशेषों का गलत लेबलिंग और गलत पहचान की गई थी।

पीएम मोदी की ब्रिटेन यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया ब्रिटेन यात्रा के दौरान भी यह मुद्दा उठा।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने डाउनिंग स्ट्रीट पर हुई बातचीत में एयर इंडिया विमान दुर्घटना का ज़िक्र किया।
मीडिया रिपोर्ट्स में अवशेषों की गलत पहचान पर चिंता जताई गई थी।


मृतकों के सम्मान पर विवाद

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने बयान जारी कर कहा कि

  • सभी शवों को अत्यंत पेशेवर तरीके से संभाला गया।
  • मृतकों की गरिमा का पूरा ध्यान रखा गया।
  • ब्रिटेन के अधिकारियों के साथ मिलकर चिंताओं का समाधान किया जा रहा है।

हालांकि, कीस्टोन लॉ ने कहा कि:

  • भेजे गए 12 शव ताबूतों में से 2 की पहचान गलत पाई गई।
  • यह लगभग 15% की त्रुटि दर दर्शाता है।
  • अगर यही अनुपात सभी शवों पर लागू होता है, तो लगभग 40 अवशेष गलत पहचान के शिकार हो सकते हैं।

ब्रिटेन में जांच की प्रक्रिया

  • पिछले महीने लंदन में ब्रिटिश पीड़ितों की मौत की जांच शुरू की गई।
  • हालांकि, इसे आगे के लिए स्थगित कर दिया गया है।
  • पहचान की प्रक्रिया अब यूके के वरिष्ठ कोरोनर की निगरानी में की जा रही है।

अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसा न केवल भारत बल्कि ब्रिटेन के कई परिवारों के लिए एक गहरा घाव बन गया है।
डीएनए परीक्षण और सरकारों की उच्च-स्तरीय वार्ताओं के बावजूद, अब भी कई परिवार अपने प्रियजनों के अवशेषों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
इस घटना ने विमानन सुरक्षा, पारदर्शिता और मृतकों के सम्मान पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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