अहमदाबाद में हुए भयावह विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। लेकिन इस दुखद घटना के बीच एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने हर किसी को आश्चर्य में डाल दिया—जहां पूरा विमान जलकर राख हो गया, वहीं भगवद गीता की एक प्रति मलबे में पूरी तरह सुरक्षित मिली।
यह घटना न केवल सनातन धर्म में आस्था रखने वालों के लिए, बल्कि विज्ञान और आध्यात्म के बीच की बहस को भी नया आयाम देती है।
✈️ हादसे की प्रमुख जानकारी
- घटना: एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 का हादसा
- दिनांक: 12 जून 2025, दोपहर 1:38 बजे
- स्थान: अहमदाबाद, गुजरात
- विमान: बोइंग 787 ड्रीमलाइनर
- यात्रियों की संख्या: कुल 242 यात्री और 12 क्रू मेंबर
- मृतक: 265 (कई शव दुर्घटना के बाद पहचाने नहीं जा सके)
- बचे: सिर्फ एक यात्री – विश्वाश कुमार रमेश (सीट 11A)
🕉️ चमत्कार या संयोग? मलबे से सुरक्षित मिली भगवद गीता
दुर्घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान के दौरान एक कार्यकर्ता के हाथ भगवद गीता की एक प्रति लगी, जो पूरी तरह से सुरक्षित थी।
- ना तो कोई पन्ना जला,
- ना ही कोई किनारा फटा,
- और न ही धुएं या पानी का असर हुआ।
- विमान के लोहे तक पिघल चुके थे, लेकिन गीता की यह प्रति वैसी की वैसी बची रही।
इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक शख्स गीता को उलट-पलटकर दिखा रहा है, जिससे इसकी प्रामाणिकता और भी मजबूत होती है।
💬 “सबकुछ जल गया, लेकिन श्रीमद्भगवद गीता अछूती रही। जयतु सनातन धर्म!” — ट्वीट में लिखा गया।
🧍♂️ एकमात्र बचे यात्री: विश्वास कुमार रमेश की कहानी
हादसे में चमत्कारिक रूप से एकमात्र बचे यात्री का नाम है – विश्वाश कुमार रमेश, जो सीट 11A पर बैठे थे। उन्होंने बताया कि:
- हादसे के करीब 30 सेकंड पहले, उन्हें इमरजेंसी विंडो से बाहर कूदने का मौका मिला।
- वे कहते हैं, “जैसे किसी शक्ति ने मुझे धकेल दिया।”
उनकी जान बचना भी लोगों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा।
📸 वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर इस हादसे से जुड़े कई वीडियो, पोस्ट और ट्वीट वायरल हो चुके हैं। खासतौर पर भगवद गीता से जुड़ा वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
ट्रेंडिंग ट्वीट:
“12 जून को हुआ भयानक प्लेन क्रैश, लेकिन श्रीमद् भगवद गीता का एक पन्ना तक नहीं जला। यह कोई संकेत तो नहीं?”
— @Bharatdarshan22
🛑 हादसे से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण अपडेट
- NSG टीम ने ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया है, जिससे हादसे की असली वजह सामने आने की उम्मीद है।
- PM नरेंद्र मोदी घटनास्थल का दौरा करेंगे और जाँच कार्यों की निगरानी करेंगे।
- गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि विमान में 1.25 लाख लीटर ईंधन था, जिससे किसी को बचने का मौका नहीं मिला।
🧠 सवाल सरकार और एयर इंडिया से
इस हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- क्या फ्लाइट टेकऑफ़ से पहले सभी तकनीकी जांचें हुई थीं?
- बोइंग 787 ड्रीमलाइनर जैसे उन्नत विमान में अचानक फेल्योर कैसे हुआ?
- केवल एक ही यात्री की जान कैसे बची?
- क्या भगवद गीता का सुरक्षित रहना एक धार्मिक संकेत है, या यह वैज्ञानिक रूप से समझाया जा सकता है?
📚 निष्कर्ष
इस दर्दनाक हादसे में 265 लोगों की मौत देश के लिए एक बड़ी क्षति है, लेकिन भगवद गीता का सुरक्षित मिलना और एक यात्री का जीवित बचना इस आपदा में आशा की किरण की तरह देखा जा रहा है।
यह घटना धार्मिक आस्था, विज्ञान, और इंसानी जिजीविषा—तीनों पर सवाल खड़े करती है और हमें सोचने पर मजबूर करती है।
विमान में एक यात्री भागवत गीता लेकर सफर कर रहे थे
— Manish Kasyap Son Of Bihar (@ManishKasyapsob) June 13, 2025
भगवत गीता बिल्कुल सही सलामत प्लेन के मलबे में मिला है#AhmedabadPlaneCrash #Gujarat #GujaratPlaneCrash #AirIndiaPlaneCrash
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