उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ। सिकंदरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कृपा मैन्युफैक्चरर्स जूता फैक्टरी में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि पूरी पहली मंजिल धुएं और लपटों से घिर गई, जिससे फैक्टरी और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
📍 कहां और कब हुआ हादसा?
- स्थान: साइट सी, सिकंदरा इंडस्ट्रियल एरिया, आगरा
- समय: सुबह करीब 9 बजे
- फैक्टरी मालिक: उपकार डावर, निवासी कमला नगर
- फैक्टरी नाम: कृपा मैन्युफैक्चरर्स
⚡ शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग
जानकारी के अनुसार, फैक्टरी की पहली मंजिल पर अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी। यहां जूते बनाने का सामान रखा हुआ था। जैसे ही खिड़की के पास से लपटें दिखीं, कर्मचारियों ने शोर मचाया और सभी को समय रहते बाहर निकाला गया। शुक्र है कि कोई जनहानि नहीं हुई।
🚒 दमकल की तत्परता से टला बड़ा हादसा
- घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।
- करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
- फैक्टरी में रखा लाखों का माल जलकर खाक हो गया।
- आग लगने के कारण पास के मोहल्ले नगला तुहीराम में भी दहशत फैल गई। स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।
🔍 CFओ ने क्या कहा?
आगरा के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) देवेंद्र सिंह ने पुष्टि की कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। उन्होंने यह भी बताया कि समय पर बचाव कार्य शुरू होने से एक बड़ा नुकसान टल गया।
🧯 सुरक्षा में चूक या इत्तेफाक?
हालांकि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, लेकिन यह सवाल उठता है कि फैक्टरी में फायर सेफ्टी सिस्टम पर्याप्त था या नहीं? औद्योगिक क्षेत्रों में बार-बार इस तरह की घटनाएं दर्शाती हैं कि फायर सेफ्टी मैनुअल और रूटीन इंस्पेक्शन की जरूरत है।
🔎 लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
इस हादसे के बाद ये बातें ध्यान रखने योग्य हैं:
- इंडस्ट्रियल यूनिट्स में रेगुलर इलेक्ट्रिकल चेकअप कराना बेहद जरूरी है।
- फायर एक्सटिंग्विशर और इमरजेंसी एक्जिट प्लान हर मंजिल पर अनिवार्य हों।
- CCTV और अलार्म सिस्टम समय पर आगाह कर सकते हैं।
- कर्मचारियों को फायर ड्रिल का प्रशिक्षण देना चाहिए।
📌 निष्कर्ष
आगरा की इस घटना ने एक बार फिर इंडस्ट्रियल इलाकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन लाखों का नुकसान और कर्मचारियों में फैली दहशत इस बात की चेतावनी है कि सुरक्षा के नियमों को अनदेखा करना कितना महंगा पड़ सकता है।





