रिपोर्ट- फरहान खान
Agra News: आगरा में एक तांत्रिक की दरिंदगी का मामला सामने आया है। तांत्रिक ने एक नाबालिग किशोरी के पेट में जिन्न का बच्चा होने की बात कहकर परिजनों को डराया, और फिर तंत्र मंत्र करने के नाम पर किशोरी के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। अब परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है, और तांत्रिक सहित उसके साथियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।

Agra News: ये पूरा मामला थाना फतेहपुर सीकरी क्षेत्र का है। पीड़ित किशोरी फतेहपुर सीकरी में रहती थी। उसको इलाज के लिए जगदीशपुरा क्षेत्र में स्थित एक तांत्रिक के पास बुलाया गया था। तांत्रिक ने किशोरी के पेट में जिन्न का बच्चा होने की बात परिजनों से कही, और 6 महीने की गर्भवती किशोरी को बताया। बच्चा खत्म करने के नाम पर तांत्रिक किशोरी के घर पहुंच गया, और परिजनों को तंत्र मंत्र पढ़कर पानी पिलाया।
Agra News: दाई बनकर आई महिला की भी तलाश
अब परिजनों का आरोप है कि तांत्रिक ने किशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। दाई बनकर आई एक महिला ने तांत्रिक के सामने ही किशोरी के कपड़े इलाज कराने के नाम पर उतरवा दिए। अब इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित की परिजनों को हुई तो उन्होंने बुधवार को थाना पुलिस को बताया। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अब आरोपी तांत्रिक सहित उसके साथियों के गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए है।

Agra News: आज भी लोग अंधविश्वास के जाल में फँस जाते हैं, इसके पीछे कई सामाजिक, मानसिक और सांस्कृतिक कारण हैं—
- डर और असुरक्षा
बीमारी, गरीबी, भविष्य की चिंता या अचानक आने वाली समस्याओं में लोग डर के कारण तर्क की जगह आसान समाधान ढूंढते हैं। अंधविश्वास उन्हें झूठा ही सही, एक सहारा देता है। - शिक्षा और वैज्ञानिक सोच की कमी
जहाँ वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच का अभाव होता है, वहाँ अफवाहें और अंधविश्वास जल्दी फैलते हैं। - परंपरा और सामाजिक दबाव
कई अंधविश्वास पीढ़ियों से चले आ रहे होते हैं। लोग सवाल उठाने से डरते हैं क्योंकि समाज या परिवार उन्हें “गलत” मान सकता है। - भावनात्मक कमजोरी
दुख, बीमारी या संकट के समय व्यक्ति भावनात्मक रूप से कमजोर होता है। इसी स्थिति का फायदा तांत्रिक, ढोंगी बाबाओं और फर्जी साधुओं द्वारा उठाया जाता है। - तुरंत चमत्कार की चाह
लोग मेहनत, धैर्य और वैज्ञानिक इलाज की बजाय त्वरित चमत्कार चाहते हैं, और यही सोच अंधविश्वास को बढ़ावा देती है। - जानकारी का गलत प्रसार
सोशल मीडिया और अफवाहों के जरिए झूठी कहानियाँ, चमत्कारी दावे और डर फैलाने वाली बातें तेजी से फैलती हैं।
Agra News: अंधविश्वास से मुक्ति का रास्ता शिक्षा, वैज्ञानिक सोच, सवाल पूछने की आदत और सही जानकारी से होकर जाता है। जब समाज तर्क को परंपरा से ऊपर रखेगा, तभी अंधविश्वास का जाल टूटेगा।
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