उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के किरावली क्षेत्र में दो दोस्तों की नृशंस हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया है। मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हत्या की साजिश खुद मृतक के भाई और भतीजे ने रची थी, जिसका कारण बना पैतृक संपत्ति का विवाद।
पुलिस जांच में हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, अरदाया गांव निवासी कृष्णपाल का अपने भाई अजयपाल से जमीन को लेकर पुराना विवाद था। इसी विवाद में अजयपाल ने अपने नाबालिग बेटे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
- भतीजे ने अपने दोस्तों मनीष और धर्मेंद्र को हत्या के लिए शामिल किया।
- हत्या की कीमत 5 लाख रुपये तय हुई थी।
ऐसे रची गई साजिश
रविवार रात 8 बजे, कृष्णपाल को उसके भतीजे ने फोन कर पुरामना नहर के पास बुलाया। भतीजे ने सोचा था कि कृष्णपाल अकेले आएगा, लेकिन वह अपने दोस्त नेत्रपाल के साथ पहुंच गया।
- हमलावरों ने पहले तमंचे से फायरिंग की लेकिन गोली नहीं लगी।
- फिर लोहे की रॉड से सिर पर वार कर दोनों की हत्या कर दी गई।
खुद भाई ने दी पुलिस को सूचना
हत्या के बाद सोमवार सुबह सुबह 8 बजे, खुद अजयपाल ने पुलिस को फोन कर शव मिलने की सूचना दी और शिकायत दर्ज कराई।
हालांकि, पुलिस को शुरू से ही उस पर शक था।
- कॉल डिटेल और सर्विलांस से मामला सामने आया।
- पूछताछ में भतीजे ने पूरी साजिश कबूल की।
घटनास्थल से क्या मिला?
- दोनों शवों के सिर पर गहरे चोट के निशान मिले।
- मौके से गुटखा, डिस्पोजल ग्लास और पानी के पाउच बरामद हुए।
- संदेह है कि हत्या से पहले शराब पिलाई गई थी।
मृतकों की पहचान और दोस्ती
दोनों मृतक एक ही गांव अरदाया के निवासी थे:
- नेत्रपाल (38 वर्ष) पुत्र चंद्रभान
- कृष्णपाल उर्फ केपी पुत्र लालाराम
दोनों करीबी दोस्त थे और अक्सर साथ देखे जाते थे।
परिजनों ने किया रास्ता जाम
जब पुलिस शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जा रही थी, तभी परिजनों ने रास्ते में जाम लगा दिया। शवों को सड़क पर रख दिया गया और पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया गया।
- पुलिस ने समझाकर स्थिति को संभाला।
- परिजनों को जल्द खुलासे का आश्वासन दिया गया, तब जाकर शव पोस्टमॉर्टम को भेजे गए।
आगे की कार्रवाई
- पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
- मुख्य आरोपी भतीजे से पूछताछ जारी है।
- उसके साथ और कौन शामिल था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
यह मामला दिखाता है कि जमीन-जायदाद का विवाद किस हद तक जा सकता है। परिवार के ही लोग जब दुश्मन बन जाएं तो रिश्तों की नींव टूट जाती है। आगरा पुलिस की त्वरित कार्रवाई और खुलासे से पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।





