अफगानिस्तान में रविवार देर रात 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। इस आपदा में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और 25 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। झटके इतने तेज़ थे कि भारत के दिल्ली-एनसीआर समेत कई हिस्सों और पाकिस्तान में भी महसूस किए गए।
भूकंप का केंद्र और गहराई
- अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत के जलालाबाद के पास था।
- भूकंप की गहराई मात्र 8 किलोमीटर दर्ज की गई।
- करीब 20 मिनट बाद दूसरा झटका भी महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 4.5 और गहराई 10 किलोमीटर थी।
मौतें और घायल
नंगरहार स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता नकीबुल्लाह रहीमी ने पुष्टि की है कि:
- अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है।
- 25 से अधिक घायल अस्पतालों में भर्ती हैं।
- स्थानीय अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है।
दिल्ली-एनसीआर और पाकिस्तान में झटके
भूकंप के तेज़ झटके दिल्ली-एनसीआर और पाकिस्तान के कई इलाकों में भी महसूस किए गए। रात करीब 11:47 बजे लोग घरों से बाहर निकल आए और घबराहट का माहौल बन गया।
हाल का इतिहास: अफगानिस्तान में बार-बार भूकंप
अफगानिस्तान पिछले एक महीने में पांच बार भूकंप का सामना कर चुका है:
- 27 अगस्त – 5.4 तीव्रता
- 17 अगस्त – 4.9 तीव्रता
- 13 अगस्त – 4.2 तीव्रता
- 8 अगस्त – 4.3 तीव्रता
यह इलाका भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील (Earthquake-Prone Zone) माना जाता है।
2023 का भूकंप: सबसे घातक आपदा
7 अक्टूबर 2023 को अफगानिस्तान में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया था।
- तालिबान सरकार के अनुसार, इसमें 4,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
- वहीं संयुक्त राष्ट्र ने आंकड़ा 1,500 मौतों का बताया था।
यह हाल के वर्षों में सबसे घातक प्राकृतिक आपदा थी।
भूकंप की तीव्रता कैसे मापी जाती है?
- भूकंप की ताकत को रिक्टर स्केल से मापा जाता है।
- यह स्केल 1 से 9 तक होता है।
- जितनी अधिक तीव्रता, उतनी ही अधिक विनाशकारी ऊर्जा धरती से निकलती है।
अफगानिस्तान लगातार भूकंप के झटकों से जूझ रहा है। बार-बार आने वाले ये भूकंप इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह इलाका उच्च जोखिम वाले जोन में है। ताज़ा भूकंप ने न सिर्फ अफगानिस्तान बल्कि पड़ोसी देशों भारत और पाकिस्तान को भी झकझोर दिया है।





