by: pramod shrivastava
AbhyudayaMP2025: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का विकास विजन…. ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की एक दूरदर्शी विकास पहल और विजन है, जिसे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राज्य के 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर लॉन्च किया। यह केवल एक स्लोगन नहीं, बल्कि 2047 तक मध्यप्रदेश को विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने का व्यापक रोडमैप है। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ विकास और सांस्कृतिक उत्कर्ष का नया दौर। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ संस्कृति, विरासत और आधुनिक विकास पर जोर। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ एक व्यापक पहल है जो राज्य के विकास, निवेश, रोजगार और सांस्कृतिक गौरव को एक साथ लाती है। अभ्युदय मध्यप्रदेश’ विकास की नई भावना है। एक ऐसा संकल्प जो प्रदेश को सांस्कृतिक विरासत से आधुनिक समृद्धि तक ले जाने का लक्ष्य रखता है। इसे एक रोडमैप के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें निवेश, रोजगार, डिजिटल शासन, समावेशन और बुनियादी ढाँचे पर बराबर जोर दिया गया है।

AbhyudayaMP2025: अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट 2025: 2 लाख करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास लोकार्पण
अभ्युदय मध्यप्रदेश’ राज्य के समग्र विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक नया अध्याय है, जो आधुनिक अधोसंरचना और समृद्ध विरासत के संतुलन पर आधारित है। अभ्युदय मध्यप्रदेश… प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न विकास और उत्सव कार्यक्रमों को संदर्भित करता है, जिसमें हालही में 25 दिसंबर 2025 को ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ का आयोजन हुआ, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘निवेश से रोजगार’ को बढ़ावा देने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाओं का शिलान्यास किया, और यह नाम मध्य प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के उत्सव (1-3 नवंबर 2025) के लिए भी इस्तेमाल किया गया था, जो विरासत से विकास की ओर बढ़ते प्रदेश को दर्शाता है।
औद्योगिक निवेश को रोजगार में बदलना, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना और प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल बनाना.. 2 लाख करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास लोकार्पण, 725 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का वितरण, और उद्योगपतियों का सम्मान हुआ। अभ्युदय मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और आर्थिक उत्थान को दर्शाता है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है। मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि अमृत काल के अगले 25 वर्षों में प्रदेश को ऐसा मॉडल स्टेट बनाया जाए, जो आर्थिक मजबूती, सामाजिक समावेशन और सुशासन का राष्ट्रीय मानक बने।

AbhyudayaMP2025: मुख्य लक्ष्य और विजन, ‘विकसित मध्यप्रदेश @ 2047’
• अगले 25 वर्ष में मध्यप्रदेश को एक विकसित, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी राज्य बनाया जाए
• जो राष्ट्रीय विकास के एजेंडा ‘विकसित भारत @ 2047’ से भी मेल खाता है।
AbhyudayaMP2025: औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन
• सरकार ने औद्योगिकीकरण, निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन को अपनी नीति का केंद्र बनाया है।
• प्रदेश में नीतिगत सुधार, निवेश-अनुकूल माहौल, विस्तारवादी औद्योगिक नीतियाँ और छोटे शहरों तक
• विकास की पहुँच सुनिश्चित करना इस विजन के प्रमुख हिस्से हैं।
AbhyudayaMP2025: डिजिटल शासन और पारदर्शिता
• डिजिटल इंडिया के तहत सेवा-सुलभता और सरकारी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए
• डिजिटल पोर्टल्स, मोबाइल एप और सेवा-समाधान प्रणालियाँ लॉन्च की गई हैं।
AbhyudayaMP2025: निवेश, बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी
• राज्य में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार (जैसे उज्जैन एयरपोर्ट डेवेलपमेंट) लॉजिस्टिक्स नेटवर्क
• स्मार्ट बुनियादी संरचना को प्रोत्साहन देकर रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।
AbhyudayaMP2025: समावेशी और क्षेत्रीय विकास
• विकास के लाभ सिर्फ बड़े शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेंगे
• बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक भी फैलेंगे, जिससे आधारभूत सेवाएँ
• रोजगार और सामाजिक कल्याण समान रूप से उपलब्ध हों।
AbhyudayaMP2025: सामाजिक कल्याण और नारी सशक्तिकरण
• महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य
• सामाजिक सुरक्षा को भी विकास के केंद्र में रखा गया है।
AbhyudayaMP2025: विकास के प्रमुख आयाम
• आर्थिक प्रगति – मध्य प्रदेश ने अपनी जीडीपी वृद्धि दर में निरंतर सुधार।
• राज्य अब कृषि के साथ-साथ औद्योगिक हब के रूप में उभर रहा है।
• विशेषकर आईटी और विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्रों में।
अधोसंरचना
• अटल प्रगति पथ और नर्मदा प्रगति पथ जैसे एक्सप्रेस-वे
• राज्य की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
कृषि क्षेत्र में अग्रणी
• कृषि कर्मण पुरस्कारों से सम्मानित प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार
• “देश के अन्न भंडार” के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर चुका है।
सांस्कृतिक उत्कर्ष, धार्मिक गलियारों का पुनरुद्धार
• उज्जैन में ‘श्री महाकाल महालोक’ का निर्माण सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सबसे बड़ा प्रतीक है।
• इसी तर्ज पर ओरछा में ‘राम राजा लोक’ और चित्रकूट में ‘वनवासी राम लोक’ का विकास किया जा रहा है।
विरासत का संरक्षण
• खजुराहो, सांची और भीमबेटका जैसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के साथ-साथ ग्वालियर और ओरछा को
• यूनेस्को की ‘ऐतिहासिक शहरी परिदृश्य’ परियोजना में शामिल करना राज्य की वैश्विक पहचान बढ़ा रहा है।
आध्यात्मिक पर्यटन
• ओंकारेश्वर में आदि गुरु शंकराचार्य की विशाल प्रतिमा ‘एकात्मता की मूर्ति’ की स्थापना
• मध्यप्रदेश को वेदांत दर्शन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है।
सुशासन और जनकल्याण
• महिला सशक्तिकरण – ‘लाड़ली बहना योजना’ जैसी पहलों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया है।
युवा कौशल
• मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना और ‘सीखो-कमाओ योजना’ के माध्यम से युवाओं को आधुनिक रोज़गार के लिए तैयार किया जा रहा है।
विजन के प्रमुख स्तंभ
विकसित मध्यप्रदेश
• 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को ट्रिलियन-डॉलर स्तर की ओर ले जाना
• उद्योग, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज़ विस्तार
• हर जिले में संतुलित विकास, शहरी–ग्रामीण खाई खत्म करने का रोडमैप
आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश
• स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा
• MSME, स्टार्टअप और स्वरोज़गार को नई उड़ान
• कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण में वैल्यू एडिशन
प्रतिस्पर्धी मध्यप्रदेश
• शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन पर फोकस
• Ease of Doing Business में टॉप राज्यों की कतार में शामिल होना
• टेक्नोलॉजी, डिजिटल गवर्नेंस और ई-सेवाओं का विस्तार
सुशासन और जनकल्याण
• पारदर्शी प्रशासन, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
• गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के लिए लक्षित योजनाएं
• अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की सीधी पहुंच
हरित और समावेशी विकास
• पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक विकास
• जल, वन और वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी भूमिका
• स्वच्छ ऊर्जा और क्लाइमेट-रेजिलिएंट विकास मॉडल
विजन 2047… अगले 25 वर्षों में मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी राज्य बनाने का संकल्प है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि अमृत काल के अगले 25 वर्षों में प्रदेश को ऐसा मॉडल स्टेट बनाया जाए, जो आर्थिक मजबूती, सामाजिक समावेशन और सुशासन का राष्ट्रीय मानक बने।





