Mohit Jain
हांगकांग के ताई पो जिले में बुधवार दोपहर एक बहुमंजिला आवासीय परिसर में अचानक लगी आग ने बड़ी त्रासदी को जन्म दे दिया। इस भीषण अग्निकांड में 44 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई दर्जन लोग घायल हुए हैं। भयावह स्थिति यह है कि अभी भी 300 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। अग्निशमन विभाग के अनुसार, 9 शव घटनास्थल से बरामद किए गए और गंभीर रूप से घायल 4 लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

बांस के मचान से आग हुई और भी खतरनाक
आग इतनी तेजी से क्यों फैली, इसकी वजह इमारत के बाहरी हिस्से पर चल रहा नवीकरण कार्य माना जा रहा है। नवीकरण के दौरान लगाए गए बांस और लकड़ी के स्कैफोल्डिंग ने आग को और फैलाया। वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि इमारत के ऊपरी हिस्सों से काला धुआं और तेज लपटें निकल रही थीं।
दमकलकर्मी सीढ़ियों और क्रेन की मदद से लोगों को निकालते दिखे, जबकि कई निवासी खिड़कियों से सहायता के लिए चिल्लाते हुए नजर आए। स्थानीय जिला परिषद सदस्य लो हियु-फंग के अनुसार, इमारत में अधिकतर बुजुर्ग लोग रहते हैं, जिनमें से कई चलने-फिरने में असमर्थ हैं, इसलिए वे बच नहीं पाए।
700 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया
आग दोपहर लगभग 1 बजे लगी और तेजी से विकराल रूप ले लिया। स्थिति गंभीर होने पर अग्निशमन विभाग ने चेतावनी का स्तर तीसरे दर्जे तक बढ़ा दिया। रात 9 बजे तक आग पर पूर्ण नियंत्रण कर लिया गया। इस दौरान करीब 700 लोगों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकाला गया और नजदीकी स्कूलों व सामुदायिक केंद्रों में अस्थायी शेल्टर में रखा गया।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नवीकरण कार्य के दौरान वेल्डिंग की चिंगारी से आग लगनी शुरू हुई। हांगकांग में पुरानी इमारतों पर बांस का मचान लगाना आम है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस तरह के हादसों को जन्म देती है।

मुख्य कार्यकारी जॉन ली ने जताया दुख, सुरक्षा समीक्षा के आदेश
हांगकांग के मुख्यमंत्री जॉन ली ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने सभी इमारतों में अग्नि सुरक्षा नियमों की तत्काल समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
यह घटना हाल के वर्षों में हांगकांग का सबसे भयावह आवासीय अग्निकांड माना जा रहा है।





