Isa Ahmad
उत्तर-प्रदेश के चित्रकूट जनपद में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य ‘यूनिटी मार्च’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जन-एकता व राष्ट्र-भक्ति के भाव को जगाने का एक महत्वपूर्ण सामाजिक- आयोजक मंच रहा है।
कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
- आयोजन की शुरुआत कामतानाथ मंदिर (चित्रकूट) में महंत मदन गोपाल दास महाराज, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, एस.पी. अरुण कुमार सिंह, सी.डी.ओ. अमृत पाल कौर तथा पूर्व सांसद आर. के. सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया।
- महंत मदन गोपाल दास ने कहा कि यूनिटी मार्च का उद्देश्य सरदार पटेल के अदम्य साहस, राष्ट्र-एकता और सेवा के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना तथा युवाओं में राष्ट्रीय एकता की भावना को सशक्त करना है।
- जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि प्रदेश के साथ-साथ चित्रकूट जनपद में भी इस आयोजन के तहत विस्तृत कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
- पूर्व सांसद आर. के. सिंह पटेल ने कहा कि यह marcha केवल पदयात्रा नहीं बल्कि एक राष्ट्रव्यापी एकता आंदोलन है, जिसमें भारत को एक, अखंड व आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
- इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व मंत्री-सांसद-विधायक, महिला मोर्चा के पदाधिकारी, स्कूली बच्चे और सैकड़ों भाजपाई शामिल रहे।
सामाजिक-राजनीतिक महत्व
यह आयोजन कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा:
- सरदार पटेल के आजीवन कार्य, विशेष रूप से राज्यों-सम्राटों को एकीकृत करने व ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विजन को आज पुनः स्थापित किया गया है।
- स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संगठनों द्वारा मिल-जुल कर एकता एवं सामाजिक समरसता का संदेश प्रस्तुत किया गया।
- युवा-वर्ग एवं छात्रों की भागीदारी इस दिशा में सकारात्मक संकेत है कि भविष्य-पीढ़ी में देश-भक्ति एवं सामाजिक-जिम्मेदारी की भावना जीवित है।
आगे का असर
इस प्रकार के आयोजनों से यह संदेश जाता है कि केवल समारोह नहीं बल्कि लोक-भागीदारी से चलने वाला आंदोलन जन-आधार वाला बन सकता है। ‘यूनिटी मार्च’ जैसे कार्यक्रम सामाजिक-संगति, जागरूकता व राष्ट्र-निर्माण में भूमिका अदा कर सकते हैं।





