महागठबंधन में सीटों का ऐलान कल संभव
report- vijay nandan
दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला फाइनल हो चुका है। कुल 243 सीटों में से 101 बीजेपी, 101 जेडीयू के खाते में गई है। जबकि 29 सीटें पासवान को मिली हैं। हम (HAM) को 6 सीटें,
आरएलएसपी (कुशवाहा) को भी 6 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है।


2020 में अकेले उतरे थे चिराग पासवान
जहां 2020 में अलग-अलग राह चलने वाले दल इस बार एक ही मंच पर आ गए हैं, वहीं पुराने विरोधी अब सहयोगी बन चुके हैं। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने 135 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। उस वक्त चिराग पासवान ने जेडीयू के खिलाफ मोर्चा खोला था, लेकिन बीजेपी के उम्मीदवारों के खिलाफ सीधे तौर पर नहीं लड़े। हालांकि, नतीजों में पार्टी को केवल एक सीट पर ही जीत मिल पाई थी। इसके बाद जून 2021 में पार्टी में बड़ा विभाजन हुआ, पशुपति पारस के नेतृत्व में बनी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) जबकि चिराग पासवान की पार्टी रही लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) अब 2025 के चुनाव में चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) एनडीए का हिस्सा है, जबकि पशुपति पारस की पार्टी महागठबंधन के साथ चुनावी मैदान में उतर रही है।

कुशवाहा भी लौटे एनडीए में
2020 के विधानसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) ने 99 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। उस समय उन्होंने महागठबंधन से अलग होकर एक नया गठबंधन बनाया था। ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट (GDSF), जिसमें बसपा, सजद(डेमोक्रेटिक) और कुछ छोटे दल शामिल थे।
हालांकि, पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली। अब 2025 में उपेंद्र कुशवाहा ने अपना नया संगठन राष्ट्रीय लोक मोर्चा बनाया है और वह एनडीए में शामिल हो चुके हैं। जहां 2020 में चिराग और कुशवाहा दोनों ने एनडीए से अलग रास्ता चुना था, वहीं 2025 के चुनाव में दोनों फिर से एनडीए के भरोसे मैदान में हैं। नीतीश कुमार और बीजेपी के साथ इन दोनों नेताओं का आना एनडीए के जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को और मजबूत करता दिख रहा है।





