BY: MOHIT JAIN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कृषि क्षेत्र के लिए 35,440 करोड़ रुपये के व्यय वाली पीएम धन धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन समेत कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) में आयोजित किया गया है, जिसमें पीएम मोदी किसानों के साथ संवाद भी करेंगे।
पीएम धन धान्य कृषि योजना से बढ़ेगी उत्पादकता
पीएम धन धान्य कृषि योजना की कुल लागत 24,000 करोड़ रुपए है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना, 100 चयनित जिलों में सिंचाई और भंडारण सुविधाओं में सुधार करना और दीर्घकालिक व अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराना है।
देश का कृषि और ग्रामीण क्षेत्र कल 11 अक्टूबर को एक नए इतिहास का साक्षी बनने वाला है। नई दिल्ली में सुबह करीब 10:30 बजे पीएम धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के शुभारंभ का सौभाग्य मिलेगा। इन योजनाओं से जहां कम उपज वाले 100 जिलों में पैदावार बढ़ाने के प्रयासों को बल…
— Narendra Modi (@narendramodi) October 10, 2025
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से दालों की खेती में सुधार
प्रधानमंत्री 11,440 करोड़ रुपए की लागत वाली दलहन आत्मनिर्भरता मिशन भी शुरू करेंगे। यह योजना दालों की उत्पादकता बढ़ाने, खेती के क्षेत्र का विस्तार करने, खरीद, भंडारण और प्रसंस्करण प्रणाली को मजबूत करने और घाटे को कम करने में मदद करेगी।

कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन में नई परियोजनाओं का उद्घाटन
पीएम मोदी 5,450 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और 815 करोड़ रुपए की नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। उद्घाटन होने वाली परियोजनाओं में बेंगलुरु और जम्मू-कश्मीर में कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण केंद्र, असम में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत आईवीएफ प्रयोगशाला, मेहसाणा, इंदौर और भीलवाड़ा में दूध पाउडर संयंत्र और तेजपुर में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत मछली चारा संयंत्र शामिल हैं।
पीएसीएस को प्रमाण पत्र वितरित, किसानों से संवाद
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत प्रमाणित किसानों, तकनीशियनों और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों (पीएमकेएसके) व सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) में परिवर्तित प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पीएसीएस) को प्रमाण पत्र वितरित करेंगे। इसके अलावा, दलहन की खेती से जुड़े किसानों से बातचीत कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के तरीकों पर मार्गदर्शन देंगे।





